राजनांदगांव/गौ-तस्करों को संरक्षण देने वाले दो संदिग्ध गिरफ्तार,कर भेजी गई जेल,सीमा पर सघन नाकाबंदी कर 10 लाख की बोलेरो जप्त,पुलिस की सतर्कता से तस्करी नेटवर्क पर कसा शिकंजा,पूर्व में जिले में दर्ज अपराधों में इनकी संलिप्तता की जांच की जा रही है थाना बागनदी पुलिस को विश्वसनीय मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि बोलेरो वाहन क्रमांक CG 10 AV 9500 के माध्यम से गौ-तस्करी में संलिप्त बड़े वाहनों को पायलेटिंग कर पुलिस चेकिंग की जानकारी पहले से उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे तस्कर रास्ता बदलकर कार्रवाई से बच निकलते हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए थाना प्रभारी के नेतृत्व में बागनदी बॉर्डर क्षेत्र में तत्काल सघन नाकाबंदी एवं चेकिंग अभियान चलाया गया।
नाकाबंदी के दौरान महाराष्ट्र की ओर से राजनांदगांव प्रवेश कर रही संदिग्ध बोलेरो वाहन को घेराबंदी कर रोका गया। वाहन में सवार दो व्यक्तियों से पूछताछ एवं मोबाइल जांच करने पर यह तथ्य सामने आया कि वे लंबे समय से गौवंशी तस्करों को पायलेट उपलब्ध कराने, पुलिस गतिविधियों की सूचना देने तथा चेकिंग से बचाने का कार्य कर रहे थे। पुलिस द्वारा वाहन के दस्तावेज मांगने पर आरोपी किसी प्रकार के वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। इसके बाद थाना बागनदी पुलिस द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए लगभग 10 लाख रुपये कीमत की बोलेरो वाहन को मोटर व्हीकल एक्ट एवं धारा 106 बीएनएसएस के तहत जप्त किया गया। “”गिरफ्तार आरोपियों में”” – दीपेन्द्र बंजारे, पिता धनसिंह बंजारे, उम्र 21 वर्ष, निवासी कैम्प-01 शांतिपारा एकता नगर, भिलाई, थाना छावनी जिला दुर्ग। शैलेन्द्र भारती, पिता चरनु दास भारती, उम्र 27 वर्ष, निवासी पथर्रा वार्ड नंबर 05, थाना भिलाई-3 जिला दुर्ग शामिल हैं। दोनों आरोपियों के विरुद्ध धारा 170/126, 135(3) बीएनएसएस के तहत प्रतिबंधात्मक कार्रवाई कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया। जांच के दौरान आरोपी शैलेन्द्र भारती के विरुद्ध गौ-तस्करी के दो पुराने रिकॉर्ड भी पाए गए हैं।
पूर्व में जिले में दर्ज अपराधों में इनकी संलिप्तता की जाँच की जा रही है । बागनदी पुलिस की इस सतर्क एवं प्रभावी कार्रवाई से सीमा क्षेत्र में सक्रिय गौ-तस्करी नेटवर्क में हड़कंप की स्थिति है तथा अवैध गतिविधियों में संलिप्त तत्वों को स्पष्ट संदेश मिला है कि जिले में कानून व्यवस्था भंग करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
