महासमुंद/विधानसभा क्षेत्र के ग्राम भोरिंग अछरिडीह में आयोजित श्रीराम कथा कार्यक्रम में शामिल हुआ। जिसमे अतिथी रहे राष्ट्रीय तेलीकर्मा सेना के संस्थापक व भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य अशवंत तुषार साहू । आयोजन सामिति के तत्वाधान में फूल माला, चंदन,गुलाल लगाकर भव्य स्वागत किया,तुषार साहू ने कहा भरत द्वारा चित्रकूट पहुंचकर श्री राम को वनवास से रोकने के प्रयास किया। भरत ने श्री राम से अयोध्या लौटने का आग्रह किया। श्री राम ने अपने पिता दशरथ के वचनों का पालन करने के लिए भरत के आग्रह को अस्वीकार कर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे माता-पिता की आज्ञा का पालन करते हुए वनवास पूर्ण करेंगे। श्रीराम के न मानने पर, भरत ने उनकी चरण-पादुकाएं लीं। उन्होंने प्रतीकात्मक रूप से इन पादुकाओं को अयोध्या का राजा घोषित किया और स्वयं नंदीग्राम में रहकर एक वनवासी की तरह शासन किया।
