भिलाई/कथित रूप से प्राप्त जानकारीनुसार वार्ड 32, बैकुंठ नगर में बैकुंठधाम मंदिर के सामने बंटी के घर से लेकर नागेश साहू के निवास तक आरसीसी रोड निर्माण कार्य हेतु 10 लाख रुपए स्वीकृत किए गए किंतु उक्त सड़क भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई। आरसीसी रोड निर्माण की जगह पर पीसीसी निर्माण कर दिया गया जिससे यह प्रतीत हो रहा हैं कि ठेकेदार को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से ऐसा किया गया और निगम प्रशासन को चूना लगाया गया जिसको लेकर स्थानीय नागरिकों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा हैं। कथित तौर से सूत्र का कहना हैं कि कार्यादेश में आरसीसी रोड निर्माण कार्य स्पष्ट रूप से लिखा हुआ हैं ऐसे में पीसीसी रोड निर्माण किस आधार पर किया गया और किसके इशारे पर तथा ऐसा करने के पीछे उद्देश्य क्या है ? इसकी जांच होनी चाहिए और आमजनता को सच्चाई पता चलना चाहिए क्योंकि जितने भी विकास कार्य होते हैं यह जनता की गाढ़ी कमाई होती हैं जो कि टैक्स के रूप में निगम प्रशासन को मिलते हैं। ऐसे में आमजन को जानने का हक है कि इन पैसों का सही उपयोग हो रहा हैं या नहीं। जानकारी अनुसार आरसीसी सड़क निर्माण में सीमेंट,रेत,गिट्टी और पानी के मिश्रण में लोहे या स्टील की छरिया का इस्तेमाल किया जाता हैं और सड़क पर छरियो का जाल बिछाया जाता हैं ताकि रोड अधिक- से-अधिक मजबूत बने और ज्यादा-से-ज्यादा समय तक चले बार-बार बनवाने या संधारण करवाने की जरूरत न पड़े इसलिए इसको प्रबलित सीमेंट कांक्रीट सड़क कहा जाता हैं। वहीं पीसीसी रोड में मात्र सीमेंट,रेत,गिट्टी और पानी से मिश्रण तैयार करके निर्माण होता हैं इसमें लोहे या स्टील के छरिया का उपयोग नहीं किया जाता है यह सड़क कम लागत में बनती हैं तथा काफी न्यूनतम दरों पर निर्मित हो जाती हैं आरसीसी रोड निर्माण की अपेक्षा पीसीसी सड़क निर्माण कार्य में खर्च का अंतर बहुत कम रहता हैं। कुल मिलाकर कह सकते हैं कि आरसीसी रोड में खर्चा अत्यधिक आता है और पीसीसी में सीमित बजट में काम हो जाता है। स्थानीय नागरिकों ने कथित तौर से चर्चा के दौरान कहा कि जब प्रशासन के द्वारा आरसीसी रोड निर्माण कार्य के लिए कार्यादेश हुआ तो फिर पीसीसी किस आधार पर किया गया और किसके इशारे पर हुआ इसकी जांच होनी चाहिए तथा दोषी व्यक्तियों पर कड़ी से कड़ी कार्यवाही होनी चाहिए ताकि भविष्य में इस प्रकार की पुनरावृत्ति न हो।
