भिलाई/छत्तीसगढ़ के पूर्व राज्यमंत्री बदरुद्दीन कुरैशी ने, स्वतंत्रता आंदोलन के प्रमुख कांग्रेस नेता एवं प्रख्यात अधिवक्ता भूलाभाई देसाई की जयंती पर उन्हें श्रद्धापूर्वक l भूलाभाई देसाई का जीवन देश की आजादी, न्याय और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति समर्पण का प्रेरणादायक उदाहरण है। उनका जन्म 13 अक्टूबर 1877 को गुजरात के वलसाड में हुआ था। वे एक कुशल वकील, प्रखर वक्ता और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रमुख नेताओं में से एक थे। उन्होंने महात्मा गांधी के स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़कर देश की आजादी के संघर्ष में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई तथा बारडोली सत्याग्रह के दौरान किसानों के पक्ष को मजबूती से प्रस्तुत किया। भूलाभाई देसाई का योगदान भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में सदैव याद किया जाएगा। वे केंद्रीय विधानसभा में कांग्रेस के नेता रहे और अंग्रेजी शासन के विरुद्ध देशहित की आवाज बुलंद की। वर्ष 1945-46 में लाल किले में आजाद हिंद फौज के तीन अधिकारियों के मुकदमे में उनकी प्रभावशाली पैरवी ऐतिहासिक रही, जिसने स्वतंत्रता आंदोलन को नई पहचान दी। उनका निधन 6 मई 1946 को हुआ, लेकिन राष्ट्र के प्रति उनका समर्पण आज भी देशवासियों को प्रेरणा देता है। ऐसे महान स्वतंत्रता सेनानियों के विचारों और आदर्शों को अपनाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।
