भिलाई/छत्तीसगढ़ के पूर्व राज्यमंत्री बदरुद्दीन कुरैशी ने, पूर्व केंद्रीय गृहमंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता शिवराज पाटिल की जयंती पर उन्हें नमन किया । शिवराज पाटिल भारतीय राजनीति के एक अनुभवी, सिद्धांतनिष्ठ और गरिमामय व्यक्तित्व थे। उनका जन्म 12 अक्टूबर 1935 को महाराष्ट्र के लातूर में हुआ था। उन्होंने अपने लंबे राजनीतिक जीवन में देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था, संसदीय परंपराओं और जनसेवा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया। वे महाराष्ट्र की राजनीति से राष्ट्रीय राजनीति तक अपनी विशिष्ट पहचान बनाने में सफल रहे। शिवराज पाटिल लोकसभा के लिए कई बार निर्वाचित हुए और वर्ष 1991 से 1996 तक लोकसभा अध्यक्ष के पद पर रहते हुए उन्होंने सदन की कार्यवाही को संसदीय मर्यादाओं एवं लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप संचालित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके व्यक्तित्व की विशेषता उनका अध्ययनशील स्वभाव, संवैधानिक परंपराओं के प्रति सम्मान और सार्वजनिक जीवन में सादगी रही। कांग्रेस पार्टी के प्रति शिवराज पाटिल का योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। उन्होंने कांग्रेस संगठन और सरकार में विभिन्न महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का निर्वहन किया तथा केंद्र सरकार में रक्षा मंत्री सहित अनेक महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दीं। वर्ष 2004 में वे केंद्रीय गृह मंत्री बने और राष्ट्रीय सुरक्षा एवं आंतरिक प्रशासन से जुड़े महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन किया। उनका राजनीतिक जीवन भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की विचारधारा, लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक व्यवस्था के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का परिचायक रहा। कुरैशी ने कहा कि शिवराज पाटिल का सार्वजनिक जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत है। उनकी जयंती पर उन्हें स्मरण करना देश की लोकतांत्रिक परंपराओं, संसदीय गरिमा और जनसेवा के आदर्शों के प्रति सम्मान व्यक्त करना है। उनका योगदान भारतीय राजनीति के इतिहास में सदैव याद किया जाएगा।
