भिलाई/छत्तीसगढ़ के पूर्व राज्य मंत्री बदरुद्दीन कुरैशी ने, निर्वाचन प्रक्रिया की पारदर्शिता और मतदाताओं के अधिकारों से जुड़े गंभीर सवालों को लेकर विपक्ष द्वारा मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग लगातार उठाई जा रही है । इसी मांग को लेकर विपक्षी सांसदों एवं नेताओं ने दिल्ली में प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी एवं प्रियंका गांधी वाड्रा सहित विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिए जाने की घटना ने राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया है । कांग्रेस का कहना है कि निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े सवालों का जवाब लोकतांत्रिक तरीके से दिया जाना चाहिए और विपक्ष की आवाज को दबाने की वजह उसकी बात सुनी जानी चाहिए। कुरैशी ने, निर्वाचन आयोग लोकतंत्र की संवैधानिक संस्था है और उसकी निष्पक्षता एवं पारदर्शिता पर उठने वाले सवालों का समाधान करना आवश्यक है यदि देश के नागरिक को और विपक्षी दलों की ओर से निर्वाचन प्रक्रिया को लेकर प्रश्न उठाए जा रहे हैं तो सरकार और निर्वाचन आयोग को उन प्रश्नों का तथ्यात्मक एवं सार्वजनिक जवाब देना चाहिए। कांग्रेस, का स्पष्ट मत है कि लोकतंत्र में सत्ता पक्ष से सवाल पूछना विपक्ष का अधिकार है ।शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले जनप्रतिनिधियों को हिरासत में लेने की बजाय सरकार को विपक्ष के साथ संवाद करना चाहिए। हम मांग करते हैं की मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार अपने पद से इस्तीफा दे, ताकि निर्वाचन संस्था की विश्वसनीयता को लेकर उठ रहे सवालों का निष्पक्ष समाधान हो सके।
