महासमुंद/करीब 5 करोड़ 48 लाख रुपए की लागत से निर्मित किसान मॉल का लगभग 90 प्रतिशत निर्माण पूरा हो चुका है, लेकिन इसके बावजूद यह महत्वपूर्ण परियोजना लंबे समय से उपयोगविहीन पड़ी है। करोड़ों रुपए खर्च होने के बाद भी किसान मॉल में न तो कारोबार शुरू हो सका है और न ही किसानों को इसका अपेक्षित लाभ मिल पा रहा है। वीरान पड़े परिसर में अब अतिक्रमण और असामाजिक गतिविधियों की शिकायतें भी सामने आने लगी हैं, जिससे इसकी सुरक्षा और भविष्य को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। भाजपा किसान मोर्चा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य अशवंत तुषार साहू ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर को पत्र लिखा है। उन्होंने किसान मॉल की दुकानों और अन्य परिसरों की शीघ्र नीलामी कराकर उसे तत्काल चालू कराने की मांग की है। साहू का कहना है कि जनहित और किसानों के हित में बनाई गई करोड़ों रुपए की संपत्ति को यूं ही बंद और अनुपयोगी छोड़ना सरकारी धन का दुरुपयोग है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते दुकानों की नीलामी कर दी जाए तो किसान मॉल में कृषि उपकरण, बीज, खाद, कीटनाशक, डेयरी उत्पाद और कृषि आधारित अन्य व्यवसाय शुरू हो सकते हैं। इससे किसानों को आवश्यक सामग्री एक ही स्थान पर उपलब्ध होगी, वहीं स्थानीय युवाओं और व्यापारियों के लिए रोजगार एवं व्यवसाय के नए अवसर भी पैदा होंगे। अशवंत तुषार साहू ने प्रशासन से मांग की है कि किसान मॉल की वर्तमान स्थिति का तत्काल निरीक्षण कराया जाए, परिसर की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाए और पारदर्शी प्रक्रिया के तहत दुकानों की नीलामी कर जल्द से जल्द इसका संचालन शुरू किया जाए। उन्होंने कहा यदि करोड़ों की लागत से बनी यह संपत्ति इसी तरह उपेक्षित रही तो आने वाले समय में इसकी हालत और खराब हो सकती है।
