भिलाई/छत्तीसगढ़ के पूर्व राज्य मंत्री बदरुद्दीन कुरैशी ने, स्वतंत्रता सेनानी, पत्रकार एवं पूर्व सांसद फिरोज गांधी की जयंती पर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया। फिरोज गांधी का जीवन लोकतांत्रिक मूल्यों, जनहित और निर्भीक पत्रकारिता के लिए सदैव स्मरण किया जाएगा। फिरोज गांधी का जन्म 12 सितंबर 1912 को मुंबई में हुआ था। वे स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय रूप से जुड़े और ब्रिटिश शासन के विरुद्ध संघर्ष करते हुए कई बार जेल भी गए। स्वतंत्रता के बाद वे सक्रिय राजनीति में आए और रायबरेली से लोकसभा सांसद रहे। वे संसद में जनहित के मुद्दों को मजबूती से उठाने और सत्ता से जुड़े मामलों में जवाबदेही की मांग करने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने पत्रकारिता के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। फिरोज गांधी का विवाह इंदिरा नेहरू से हुआ था, जो आगे चलकर देश की प्रधानमंत्री बनीं। उनके दो पुत्र राजीव गांधी और संजय गांधी हुए। 8 सितंबर 1960 को फिरोज गांधी का निधन हुआ। फिरोज गांधी की निर्भीकता, जनहित के प्रति प्रतिबद्धता और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति आस्था आज भी सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोगों के लिए प्रेरणादायी है।
