भिलाई/छत्तीसगढ़ के पूर्व राज्य मंत्री बदरुद्दीन कुरैशी ने, महान क्रांतिकारी खुदीराम बोस की पुण्यतिथि एवं बलिदान दिवस पर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि l खुदीराम बोस भारत के स्वतंत्रता संग्राम के उन वीर सपूतों में से थे, जिन्होंने बहुत कम उम्र में देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। उनका जन्म 3 दिसंबर 1889 को हुआ था। अंग्रेजी शासन के विरुद्ध संघर्ष करते हुए उन्हें मुजफ्फरपुर बम कांड के मामले में गिरफ्तार किया गया और मात्र 18 वर्ष की आयु में 11 अगस्त 1908 को उन्हें फांसी दी गई। उनका साहस और देशभक्ति आज भी हर भारतीय को प्रेरणा देती है।खुदीराम बोस का बलिदान भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास में सदैव अमर रहेगा। उन्होंने हंसते-हंसते मातृभूमि के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया और देशवासियों के मन में स्वतंत्रता की भावना को और मजबूत किया। आज उनकी पुण्यतिथि पर हम सभी उनके अदम्य साहस, देशप्रेम और त्याग को नमन करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लें। ऐसे महान क्रांतिकारी के बलिदान को देश कभी नहीं भूल सकता।
