दुर्ग/रूंगटा इंटरनेशनल स्किल यूनिवर्सिटी भिलाई में आयोजित ‘विद्यारंभ 2.0’ कार्यक्रम में प्रदेश के वित्त मंत्री ओपी चौधरी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम में देश के 15 विभिन्न राज्यों से आए बच्चे एवं उनके अभिभावकों ने सहभागिता की। इस अवसर पर वित्त मंत्री श्री चौधरी ने विद्यार्थियों को कौशल विकास, निरंतर सीखने और लक्ष्य प्राप्ति के लिए सतत प्रयास करने के लिए प्रेरित किया। वित्त मंत्री श्री चौधरी ने अपने जीवन के संघर्षों और सफलता की यात्रा को विद्यार्थियों के साथ साझा करते हुए बताया कि विपरीत एवं कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ते रहे। जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करना और उसे प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रयास करते रहना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि केवल गिनती की पढ़ाई करने से जीवन में आगे नहीं बढ़ा जा सकता। आज के बदलते समय में कौशल विकास, ज्ञान में निरंतर वृद्धि और सीखते रहने की क्षमता अत्यंत महत्वपूर्ण है। विद्यार्थियों को अपनी मेहनत, प्रतिभा और सीखने की क्षमता के बल पर आगे बढ़ना चाहिए तथा समय के अनुरूप स्वयं को तैयार करना चाहिए। नई तकनीक, नए विचार और नए कौशल को अपनाने की क्षमता व्यक्ति को प्रतिस्पर्धा के इस दौर में सफल बनाती है। वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी के भीतर अपने लक्ष्य को प्राप्त करने का जुनून होना चाहिए। जब लक्ष्य स्पष्ट हो और उसे हासिल करने के लिए दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ लगातार प्रयास किया जाए, तो दुनिया की कोई भी ताकत सफलता प्राप्त करने से नहीं रोक सकती। उन्होंने विद्यार्थियों को आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने और कभी भी स्वयं को कमजोर नहीं समझने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि जीवन में आने वाली परेशानियों और चुनौतियों से घबराने के बजाय उनका स्वागत करना चाहिए, क्योंकि कठिन परिस्थितियां व्यक्ति को मजबूत बनने और आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करती हैं। मुश्किलों का डटकर सामना करने से ही व्यक्ति का व्यक्तित्व निखरता है और सफलता का मार्ग प्रशस्त होता है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि जीवन में बड़ी-बड़ी चुनौतियां आएंगी, लेकिन धैर्य, परिश्रम, सकारात्मक सोच और निरंतर सीखने की प्रवृत्ति के साथ उनका सामना करना चाहिए। बदलते समय के साथ आगे बढ़ते हुए अपने कौशल का विकास करें, ज्ञान बढ़ाएं और जीवन में निरंतर सीखते रहें। इस अवसर पर प्रसिद्ध उद्यमी एवं कंटेंट क्रिएटर अंकुर वारिकू भी कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने अपने जीवन और करियर में आए विभिन्न बदलावों तथा उनसे प्राप्त अनुभवों को विद्यार्थियों के साथ साझा किया। अपनी बेबाक एवं पारदर्शी सोच तथा असफलताओं से सीख लेकर आगे बढ़ने के दृष्टिकोण के लिए पहचाने जाने वाले अंकुर वारिकू ने अपने करियर में किए गए पांच प्रमुख बदलावों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने अपने शुरुआती दिनों में एक स्टार्टअप की शुरुआत की। युवाओं एवं पेशेवरों को किफायती और उपयोगी जीवन-कौशल आधारित पाठ्यक्रम उपलब्ध कराने के उद्देश्य से वेबवेदा की शुरुआत की। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि करियर में बदलाव और असफलताएं जीवन का हिस्सा हैं। बदलते समय के साथ निरंतर नया सीखते हुए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ना चाहिए। इस अवसर पर संजय रूंगटा, संतोष रूंगटा, संजिव शुक्ला, चिन्मय चंद्राकर, वेणू गोपाल एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी और अभिभावक सहित रूंगटा यूनिवर्सिटी के प्राध्यापकगण उपस्थित थे।
