राजनांदगांव/अध्ययन आधारित सिग्नल टाइमिंग से घटा जाम, बढ़ी सुविधा और सुरक्षा,पुलिस द्वारा यातायात व्यवस्था को आधुनिक, सुव्यवस्थित एवं जनहितकारी बनाने हेतु निरंतर ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक राजनांदगांव के कुशल निर्देशन में जिले में एक अभिनव एवं प्रभावशाली यातायात सुधार अभियान संचालित किया गया है, जिसका उद्देश्य आम नागरिकों को जाम से राहत देना तथा शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को अधिक सुचारु बनाना है। इस अभियान के अंतर्गत यातायात प्रभारी द्वारा शहर के प्रमुख चौराहों एवं अत्यधिक भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में ट्रैफिक मूवमेंट का गहन निरीक्षण एवं विश्लेषण किया गया। पूर्व में सभी सिग्नलों पर प्रत्येक दिशा के लिए समान रूप से 30 सेकंड का समय निर्धारित था, जिसके कारण कई स्थानों पर अनावश्यक जाम एवं विलंब की स्थिति उत्पन्न होती थी। अब चौक की संरचना, वाहन घनत्व एवं समय विशेष के ट्रैफिक दबाव को ध्यान में रखते हुए सिग्नल टाइमिंग को अधिकतम 20 सेकंड एवं न्यूनतम 15 सेकंड किया गया है। इस परिवर्तन का सकारात्मक प्रभाव तत्काल रूप से देखने को मिलेगा। जहां पहले एक पूरे सिग्नल चक्र को पार करने में लगभग 2 मिनट का समय लगता था, अब वही प्रक्रिया मात्र 45 सेकंड में पूर्ण हो रही है। इससे न केवल यात्रा समय में कमी आई है, बल्कि ईंधन की बचत, प्रदूषण में कमी तथा आपातकालीन वाहनों की सुगम आवाजाही भी सुनिश्चित हो रही है। वैज्ञानिक अध्ययन पर आधारित निर्णय: इस सुधार से पूर्व यातायात विभाग द्वारा एक संक्षिप्त फील्ड स्टडी भी की गई, जिसमें पीक आवर्स के दौरान वाहन संख्या, प्रतीक्षा समय तथा जाम की अवधि को रिकॉर्ड किया गया। अध्ययन में यह स्पष्ट हुआ कि लंबे सिग्नल समय से क्रॉसिंग पर वाहन अनावश्यक रूप से जमा होते जा रहे थे, जिससे पीछे तक ट्रैफिक ब्लॉक हो रहा था। विशेषज्ञों के सुझाव एवं डेटा एनालिसिस के आधार पर टाइमिंग घटाने का निर्णय लिया गया, जो अब अत्यंत प्रभावी सिद्ध हो रहा है। राजनांदगांव पुलिस का यह प्रयास न केवल ट्रैफिक प्रबंधन का उत्कृष्ट उदाहरण है, बल्कि यह दर्शाता है कि जनहित को सर्वोपरि रखते हुए आधुनिक एवं वैज्ञानिक तरीकों से प्रशासन किस प्रकार बदलाव ला सकता है। आने वाले समय में भी यातायात नियमों के पालन को और अधिक सुदृढ़ करने, जनजागरूकता अभियान चलाने तथा आम जनता से प्राप्त सुझावों एवं फीडबैक के आधार पर लगातार सुधारात्मक कार्य किए जाएंगे।
