रायपुर/छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के प्रेस क्लब में अखिल भारतीय कर्मा सेना का भव्य राष्ट्रीय अधिवेशन और चिंतन बैठक सफलतापूर्वक संपन्न हुई। इस आयोजन में उत्तर प्रदेश (अयोध्या), उड़ीसा, मध्य प्रदेश (जबलपुर, भोपाल, सागर, दतिया, नरसिंहपुर) और छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से समाज के दिग्गजों ने शिरकत की। कार्यक्रम की शुरुआत माता कर्मा के पूजन और अतिथियों के विजय तिलक के साथ हुई। पूर्व कैबिनेट मंत्री रविकरण साहू कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मध्य प्रदेश शासन के पूर्व कैबिनेट मंत्री (दर्जा प्राप्त) एवं तेलघानी बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष रविकरण साहू ने एक बड़ा विजन साझा किया। उन्होंने कहा की समाज की सुरक्षा और अनुशासन ही हमारी सबसे बड़ी शक्ति है। कर्मा सेना अब केवल एक सांस्कृतिक संगठन नहीं, बल्कि समाज का सुरक्षा कवच बनेगी। हम नगर, तहसील और जिला स्तर तक इसका विस्तार करेंगे, जिसमें भारतीय सेना से सेवानिवृत्त जवानों को मार्गदर्शक और प्रशिक्षक के रूप में जोड़ा जाएगा। रास्ट्रीय तेली कर्मा सेना संस्थापक अशवंत तुषार साहू ने अपने उधद्बोधन मे कहा सामाजिक एकता को मजबूत करने के लिए पारंपरिक मूल्यों, जैसे कि संयुक्त परिवार, बड़ों का सम्मान, सेवा भाव, और नैतिक शिक्षा को पुनः जीवित करना आवश्यक है। यह भारतीय संस्कृति के 16 संस्कारों, सामूहिक त्योहारों के माध्यम से समाज को संगठित, अनुशासित और सौहार्दपूर्ण बनाए रखता है।
पारंपरिक मूल्यों और संस्कारों की मजबूती: मूल्यों का महत्व: भारतीय सामाजिक व्यवस्था में मूल्य, जैसे कि सहिष्णुता, नैतिकता, और साझा विरासत, एकता के आधार स्तंभ हैं। परिवार की भूमिका: परिवार को संस्कारों की जड़ माना जाता है, जहाँ आपसी प्रेम, सहयोग और सहनशीलता से एकता बढ़ती है।
बैठक में उपस्थित विभिन्न वक्ताओं ने कर्मा सेना के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला, श्रीराम साहू (राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी) उन्होंने कर्मा सेना का मूल मंत्र संस्कृति, स्वाभिमान और संगठन बताते हुए कहा कि यह राजनीति से ऊपर उठकर समाज की बेहतरी के लिए कार्य करेगी। गुलाब सिंह गोल्हानी (राष्ट्रीय संरक्षक) इन्होंने जोर दिया कि गरीब तबके पर होने वाले किसी भी अत्याचार या अन्याय के खिलाफ एकजुट होना ही सेना का मुख्य लक्ष्य है। दिनेश सिल्लन साहू (राष्ट्रीय युवा अध्यक्ष) उन्होंने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि कर्मा सेना समाज के न्याय की लड़ाई लड़ेगी। शंभू दयाल साहू (राष्ट्रीय संस्थापक) इन्होंने समाज के लोगों को आर्थिक रूप से एक-दूसरे की मदद करने और आपसी सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया।कथावाचक यामिनी देवी उन्होंने सनातन धर्म के प्रति आस्था जगाने और कर्मा सैनिकों को वैचारिक रूप से मजबूत बनाने की अपील की। रितेश शाह सिंगरौली वरिष्ठ समाजसेवी उन्होंने स्थानीय स्तर पर युवाओं के स्वरोजगार और कौशल विकास को बढ़ावा देने की बात कही। कार्यक्रम में मंच का संचालन राम साहू के द्वारा एवं मीडिया प्रसारण का कार्य संतोष राज के कुशल नेतृत्व में किया गया, इस अधिवेशन में समाज के कई वरिष्ठ जन उपस्थित रहे, जिनमें मुख्य रूप से अरुण साहू (आयोजक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष संयोजक), ओमप्रकाश साहू (जिला अध्यक्ष, नरसिंहपुर) संत रमेश दास साहू (राष्ट्रीय संत, साहू समाज)गणेशाराम साहू (प्रदेश उपाध्यक्ष) संतोष राज (प्रदेश सचिव एवं नियुक्ति प्रभारी) विक्रम साहू (जिला मीडिया प्रभारी) रायपुर पहुंचे इन समाजसेवियों के इस महासंगम ने यह स्पष्ट कर दिया है कि आने वाले समय में कर्मा सेना न केवल सांस्कृतिक बल्कि सामाजिक और सुरक्षात्मक मोर्चे पर भी एक मिसाल पेश करेगी। कार्यक्रम के अंत में आयोजक अरुण साहू ने सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया।
