दुर्ग/राज्य सरकार की सुचारू, पारदर्शी और किसान हितैषी नीति के कारण राज्य में अब तक 23.48 लाख किसान धान बेच चुके हैं। किसानों को 29597 करोड़ रूपए का भुगतान किया गया है। आने वाले 3 दिवस में 1.5 लाख किसान अपने उपज धान बेचेंगे। दुर्ग जिले में पंजीकृत 113623 किसानों में से अब तक 98472 किसान धान बेच चुके हैं। जिले में 4,97,037.36 मे. टन धान की खरीदी हो चुकी है। किसानों को 1,06,648.65 लाख रूपए भुगतान किया जा चुका है। धान बेचने के बाद त्वरित भुगतान का किसानों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। सरकार की व्यवस्था से प्रभावित होकर किसान अपनी उपज बेचने टोकन प्राप्त निर्धारित तिथि अनुसार पहुंच रहे हैं। समय पर भुगतान राशि मिलने पर 98472 किसान लाभान्वित हुए हैं। उपार्जन केन्द्रों से धान की उठाव भी तेजी से होने लगी है। उठाव हेतु 2,94,997.14 मे. टन धान का डीओ/टीओ जारी हुआ है। अब तक उपार्जन केन्द्रों से 1,81,378.50 मे. टन धान का उठाव किया जा चुका है। सरकार की इस पारदर्शी व्यवस्था में किसान भी सहभागी बनते हुए धान बेचने के पश्चात् रकबा समर्पण करने आगे आ रहे हैं। जिससे बिचौलियों को अपनी धान खपाने का अवसर नहीं मिला है। जिले में अब तक धान बेच चुके 60424 कृषकों ने 2,715.43 हेक्टेयर रकबा समर्पण कर चुके हैं। जिले के 87 सहकारी समितियों के 102 उपार्जन केन्द्रों में धान बेचने के लिए पहुंचने वाले किसानों हेतु जिला प्रशासन द्वारा समुचित प्रबंध किया गया है। वर्तमान में उपार्जन केन्द्रों में बारदाने की पर्याप्त व्यवस्था है। इसके तहत केन्द्रों में 16,78,647 बारदाने उपलब्ध है।
