भिलाई/सूत्रों से प्राप्त जानकारीनुसार वार्ड 30 प्रगति नगर में संजू कोल डिपो से भारत सीट,होतवानी ऑटो से संतोषी माता मंदिर तक, छठी लाल मिश्रा के घर के पास आरसीसी रोड तथा नाली निर्माण कार्य हेतु प्रथम बार 2024 में 5 लाख रुपए और 2025 में द्वितीय चरण में 10 लाख रुपए स्वीकृत किए गए जिसमें आरसीसी सड़क निर्माण लिखा हुआ हैं लेकिन नाली बनी ही नहीं और बनी बनाई सड़क पर पुनः पीसीसी बनाई गई ऐसा जनता कथित रूप से आरोप लगा रही हैं जबकि आरसीसी रोड निर्माण होना था जिसका स्थानीय महिलाओं ने कथित तौर से विरोध भी किया था। कहा जा रहा है कि उक्त सड़क के लिए दो बार टेंडर हुआ किंतु अधिकांश जगहों में रोड निर्माण हुआ ही नहीं केवल खानापूर्ति कर छोड़ देने का भी लोग इल्जाम लगा रहे हैं। ठीक इसी प्रकार से संचालनालय नगरीय प्रशासन एवं विकास छत्तीसगढ़ के द्वारा 2025- 26 में आदेश क्रमांक – 8740 द्वारा 600.00 लाख रुपए पास किए गए जिसमें यहां के लिए 15 लाख रुपए देने की बात लोगों के द्वारा कही जा रही हैं जो कि साईं मेडिकल से खंडे होटल तथा सुभाष चौक से जिया मेडिकल तक आरसीसी नाली कवर सहित वीर सावरकर मार्केट में आरसीसी रोड निर्माण कार्य करना था लेकिन यहां पर कथित रूप से गोलमाल करने की बात चर्चा में है आरसीसी नाली की जगह पीसीसी नाली निर्माण हुआ तथा जिसको कवर भी नहीं किया गया है,वीर सावरकर मार्केट में सड़क निर्माण भी नहीं हुआ जिसको लेकर लोगों में भारी नाराजगी है। वार्ड 30 में 2025 में 15वें वित्त आयोग अंतर्गत जोन 03 क्षेत्रांतर्गत 18 न. रोड के शेष भाग में डामरीकरण कार्य के लिए 25 लाख रुपए 64 हजार रुपए मंजूर किए गए जिसमें भी जनता कथित रूप से लीपापोती होने का कह रही हैं क्योंकि चंद माह बाद ही सड़क की हालत खराब हो गई है तथा जगह-जगह गड्ढे होने की चर्चा हो रही हैं जिसको लेकर भी आमजनता बेहद नाराज दिख रही हैं। इसके अलावा 2025 में पेयजल संकटग्रस्त स्थानों में अधोसंरचना पर्यावरण उपकर मद से राशि स्वीकृत हुई थी जिसमें बसंत टॉकीज के पीछे गैरेज लाइन में बोर खनन होना था किंतु वहां पर कोई बोरिंग नहीं होने का कथन कथित तौर से कहा जा रहा हैं जिससे स्थानीय नागरिकों एवं दुकानदारों में आक्रोश व्याप्त हैं। यहां पर सवाल यह उठता है कि जब शासन-प्रशासन, जनता की सुविधाओं के लिए पैसा दे रहा हैं तो उसका सही इस्तेमाल क्यों नहीं हो रहा है? क्या आमजनता के पैसों( टैक्स) का सही उपयोग नहीं होना चाहिए? जब आम नागरिक कथित तौर से आरोप लगा रहे हैं तो निगम प्रशासन को जांच कर अपनी स्थिति स्पष्ट नहीं करना चाहिए ये भी एक बड़ा प्रश्न हैं।
