भिलाई/छत्तीसगढ़ की पूर्व राज्य मंत्री बदरुद्दीन कुरैशी ने, छत्तीसगढ़ की प्रथम महिला सांसद एवं महान समाज सेविका स्वर्गीय मिनी माता की पुण्यतिथि पर मैं उन्हें सादर नमन एवं भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ। मिनी माता का जीवन सामाजिक न्याय, समानता, महिला सशक्तिकरण और वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए समर्पित रहा। उन्होंने अपने पति गुरु अगमदास के साथ सामाजिक सुधार एवं जनसेवा के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाई। वर्ष 1952 के उपचुनाव में निर्वाचित होकर उन्होंने छत्तीसगढ़ क्षेत्र की प्रथम महिला सांसद के रूप में इतिहास रचा और लगातार संसद में जनहित की आवाज बुलंद की। मिनी माता ने बाल विवाह, दहेज प्रथा, छुआछूत, अशिक्षा और सामाजिक भेदभाव जैसी कुरीतियों के विरुद्ध निर्भीकता से आवाज उठाई तथा महिलाओं, मजदूरों, गरीबों और दलित-वंचित समाज के अधिकारों के लिए उल्लेखनीय संघर्ष किया। उनका सादगीपूर्ण जीवन, सेवाभाव और सामाजिक समरसता के लिए किया गया योगदान आज भी हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है। 11 अगस्त 1972 को उनका निधन हुआ, लेकिन उनके विचार और जनसेवा की विरासत सदैव जीवित रहेगी। उनकी पुण्यतिथि पर शत्- शत् नमन एवं विनम्र श्रद्धांजलि।
