भिलाई/सूत्रों से प्राप्त जानकारी अनुसार गत दिनों कांग्रेस नेता अनिल सिंह ने अपनी ही पार्टी के प्रदेश महासचिव राजेश गुप्ता और उनके सुपुत्र निशांत गुप्ता के ऊपर महादेव सट्टा का सिंडीकेट चलाने का आरोप लगाते हुए जिला पुलिस अधीक्षक दुर्ग से लिखित ज्ञापन देकर कार्रवाई की गुहार लगाई थी जिस पर पुलिस प्रशासन ने त्वरित कार्यवाही करते हुए निशांत गुप्ता को एक निजी होटल से गिरफ्तार कर लिया है किंतु उक्त कांग्रेस नेता को पकड़ने में पुलिस असफल रही जो कि शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है जिसको लेकर तरह – तरह की चर्चाएं जारी है। चर्चा है कि जब पुत्र को पुलिस ने पकड़ा तो फिर पिता कैसे पुलिस के हाथों से बच गया? पुलिस ने रेड मारने के पूर्व क्या तैयारी पूरी नहीं की थी जो असफलता मिली या फिर राजनैतिक दबाव के चलते अभयदान दिया गया क्योंकि पुलिस टीम होटल और घर,दोनों जगहों पर एक साथ छापा मारती तो आरोपियों का बच निकलना मुश्किल था क्या पुलिस विभाग के किसी व्यक्ति ने कांग्रेस नेता को सचेत कर दिया या फिर जानबुझकर ढील दी गई ताकि मामला ठंडा होने पर गिरफ्तारी की आवश्यकता ना पड़े। कयास यह भी लगाया जा रहा हैं कि पुत्र को गिरफ्तार करके पिता को बचाने की जुगत लगाई जा रही हैं या फिर अंदरूनी साठगांठ हो चुकी हैं। इस समय पूरा शहर मामले को लेकर चर्चा में डूबा हुआ हैं, सत्तासीन भाजपा के नेता कुछ भी कहने से गुरेज कर रहे हैं जो कि जनता को पच नहीं रहा हैं। (उक्त समाचार जन चर्चा पर आधारित हैं )