भिलाई/छत्तीसगढ़ के पूर्व राज्य मंत्री बदरुद्दीन कुरैशी ने, भारत माता के अमर सपूत,महान क्रांतिकारी, चिंतक और प्रखर राष्ट्रवादी नेता बिपिन चंद्र पाल की पुण्यतिथि पर उन्हें कोटि-कोटि नमन । 7 नवंबर 1858 को वर्तमान सिलहट में जन्मे बिपिन चंद्रपाल ने अंग्रेजों की गुलामी के खिलाफ अपनी कलम और आवाज से पूरे देश में क्रांति की चेतना जगाई । वे प्रसिद्ध ‘ लाल बाल पाल’ त्रिय के प्रमुख स्तंभ थे, जिसमें लाला लाजपत राय, बाल गंगाधर तिलक और बिपिन चंद्रपाल भी शामिल थे। उन्होंने स्वदेशी आंदोलन, बहिष्कार आंदोलन और राष्ट्रीय शिक्षा के प्रचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई ।उनका मानना था कि केवल भाषण नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत ही सच्ची आजादी का मार्ग है। उन्होंने युवाओं में देशभक्ति की सेवा ज्वाला जगाई जिसने स्वतंत्रता संग्राम को नई दिशा दी । आज उनकी पुण्यतिथि पर हम सभी को उनके साथ त्याग और राष्ट्र प्रेम से प्रेरणा लेकर देश हित में कार्य करने का संकल्प लेना चाहिए ।”देश के लिए जिया गया जीवन ही सच्चा जीवन होता है”
महान राष्ट्रनायक बिपिन चंद्र पाल को विनम्र श्रद्धांजलि।
