भिलाई/छत्तीसगढ़ के पूर्व राज्य मंत्री बदरुद्दीन कुरैशी ने कहा कि, मई 2026 में पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के कारण पैदा हुई वैश्विक आर्थिक अनिश्चित को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में संबोधित करते हुए ईंधन सोना और यात्रा से संबंधित कई महत्वपूर्ण अपील और घोषणाओं का मुख्य उद्देश्य भारत की विदेशी मुद्रा बचाना और आयात पर निर्भरता कम करना है। पेट्रोल डीजल सोना और यात्रा से जुड़ी प्रमुख अपील में 2026 में लोगों से पेट्रोल और डीजल का उपयोग समझदारी से करने और अनावश्यक यात्राओं से बचने की अपील की गई है । वर्क फ्रॉम होम को बढ़ावा दिया जिसमें ईंधन बचाने के लिए पीएम मोदी ने कोविड-19 के समय की तरह वर्क फ्रॉम को फिर से अपनाने का सुझाव दिया है । पब्लिक ट्रांसपोर्ट को उपयोग निजी वाहनों की जगह मेट्रो बस या सार्वजनिक परिवहन के उपयोग पर जोर दिया गया है । सोना ना खरीदे जिसमें विदेशी मुद्रा बचाने के लिए लोगों से अगले एक साल तक सोने की खरीदारी को टालने की अपील की गई है । विदेश यात्रा में कटौती करने अनावश्यक विदेश यात्राओं को कम करने और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए कहा गया है । सोने और चांदी पर आयात शुल्क 6% से बढ़कर 15% कर दिया गया है ताकि इसके आयात को कम किया जा सके । वाहन और यातायात पीएम में देश में इलेक्ट्रॉनिक वाहनों के उपयोग को बढ़ाने पर जोर दिया है । इसके अलावा, ईंधन बचाने के लिए खुद पीएम के काफिले में 50% वाहनों की कटौती की खबर है । कृषि में किसानों से रासायनिक खादों का उपयोग 50% तक काम करने और प्रकृति खेती अपनाने की अपील की गई है । एथेनॉल ब्लेंडिंग जिसमें पेट्रोल में एथेनॉल मिलाने की प्रक्रिया को तेज किया जा रहा है । केंद्र सरकार ने निर्णय लिया है कि, प्रधानमंत्री संबंधी कैबिनेट के तमाम नेता और अधिकारी केवल केंद्र ही नहीं, बल्कि राज्यों में मात्र दो कारों का ही उपयोग किया जाने का निर्णय लिया है । केवल निर्णय तक ही सीमित नहीं, बल्कि देश के राज्यों में कदम उठाने की बात कही है।