रिसाली/रिसाली सेक्टर के एकता मंच मे आदिवासी मातृशक्ति संगठन के तत्वाधान मे माता सावित्री भाई फूले एवं जननायक जयपाल सिंह मुंडा की जयंती मनाई गई। सावित्री बाई फुले की जयंती पर उनके जीवन और कार्यों को याद किया और उनके शिक्षा और महिला अधिकारों के लिए किए गए कार्यों पर चर्चा की। संगठन ने कहा माता सावित्री बाई फुले का जीवनसंघर्ष प्रेरणादायी है जिस दौर में महिलाओं को पढ़ने का अधिकार नहीं था उस समय पर लिखकर संघर्ष कर महिलाओं के लिए स्कूल खोलने वाली, सामाजिक कुरीतियों से लड़ने वाले पहली महिला थीं, अंतिम समय तक मानव सेवा करती रहीं। जननायक जयपाल सिंह मुंडा भारत को 1928 में ऑलंपिक खेलों में पहला गोल्ड मेडल दिलाने वाले हॉकी टीम के कप्तान थे। उन्होंने देश प्रेम के खातिर ब्रिटिश शासन में ICS की नौकरी छोड़ दी, मुंडा जी उस दौर के बहुत ही शिक्षित एवं प्रभावशाली व्यक्ति थे, संविधान सभा के सदस्य थे जिन्होंने देश के आदिवासियों के अधिकारों एवं संस्कृति को बचाए रखने के लिए पाँचवीं एवं छठवीं अनुसूची का प्रावधान तैयार किया । मुंडा जी ब्रिटिश शासन में सर्वोच्च पद पर कार्य करने वाले पहले भारतीय थे। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में संजय शेन्द्रे( रिटायर्ड जज), विजय प्रताप कश्यप, राजेंद्र परघनिया,चंद्रकला तारम( प्रदेश उपाध्यक्ष), कोमल नेताम उमा सिंह, कीर्ति ठाकुर,त्रिवेणी ठाकुर,अनीता साहू, पूर्णिमा मानकर,किरण गावरे,प्रतिमा दामले, लक्ष्मी सुरेंद्र मोहंती,कमल नेताम,लीना ठाकुर, शंतानू मरकाम,पुरामे जी,रमेश पाल,रमेश ठाकुर,तरुण नेताम, चंद्रभान सिंह ठाकुर(पार्षद) बाबूलाल आदि उपस्थित रहे।