दुर्ग/ग्राम करसा में प्रोजेक्ट उन्नति अंतर्गत मनरेगा श्रमिकों हेतु 30 दिवसीय राजमिस्त्री प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ

दुर्ग/जनपद पंचायत पाटन के ग्राम करसा में आज प्रोजेक्ट उन्नति के अंतर्गत महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) से जुड़े श्रमिकों एवं ग्रामीण महिला-पुरुषों को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने 30 दिवसीय रूरल मेसन (राजमिस्त्री) प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। यह प्रशिक्षण बैंक ऑफ बड़ौदा ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी), दुर्ग द्वारा जनपद पंचायत पाटन के सहयोग से संचालित किया जा रहा है, जिसमें कुल 35 प्रतिभागी ने भाग लिया। यह पहल मनरेगा अंतर्गत 100 दिवस का कार्य पूर्ण कर चुके श्रमिकों को आत्मनिर्भर बनाने तथा प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत गुणवत्तापूर्ण आवास निर्माण हेतु कुशल राजमिस्त्रियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए प्रारंभ की गई है। प्रशिक्षण के दौरान मास्टर ट्रेनर श्रीमती अनीता चारभे द्वारा प्रतिभागियों को ईंट-पत्थर चिनाई, प्लास्टरिंग, टाइल एवं फर्श बिछाना, छत ढलाई, कंक्रीट मिश्रण, वॉटरप्रूफिंग तथा निर्माण कार्य से संबंधित सुरक्षा मानकों की विस्तृत जानकारी दी जा रही है। प्रशिक्षण अवधि के दौरान प्रतिभागियों को अकुशल श्रमिक की श्रेणी में 30 दिवस की मजदूरी राशि भी प्रदान की जाएगी। यह प्रशिक्षण ग्रामीण युवाओं को तकनीकी दक्षता प्रदान कर उन्हें स्वरोजगार एवं स्वावलंबन की दिशा में आगे बढ़ाने में सहायक सिद्ध होगा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में कुशल राजमिस्त्रियों की उपलब्धता बढ़ेगी, जिससे आवास निर्माण की गुणवत्ता एवं गति दोनों में सुधार आएगा और प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) जैसे राष्ट्रीय कार्यक्रमों को मजबूती मिलेगी। बैंक ऑफ बड़ौदा ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी), दुर्ग भारत सरकार समर्थित संस्थान है, जो ग्रामीण युवाओं को निःशुल्क आवासीय प्रशिक्षण के माध्यम से कौशल विकास, उद्यमिता एवं वित्तीय साक्षरता को बढ़ावा देता है।

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