दुर्ग/अपने पुत्र को बिना लाइसेंस मोटरसाइकिल चलाने देने वाले पिता को भी आपराधिक मानव वध के तहत सजा, सत्र न्यायालय ने सुनाया 03 माह का कारावास एवं 5,000 रुपये अर्थदंड। बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस के पुत्र को मोटरसाइकिल चलाने देने वाले पिता मोहन लाल बघेल को मोटरयान अधिनियम की धारा 5/180 के तहत 03 माह का साधारण कारावास एवं 5,000 रुपये अर्थदंड से दंडित किया गया। 04.08.2025 को इंदु आईटी स्कूल, कोहका के पास मोटरसाइकिल की एक्टिवा से टक्कर होने पर एक्टिवा चालक शादान अली की मृत्यु तथा पीछे बैठे उत्तम पांडेय गंभीर रूप से घायल हुए थे। मोटरसाइकिल चालक मोहित कुमार बघेल को भारतीय न्याय संहिता की धारा 105(2), 110(2) एवं मोटरयान अधिनियम की विभिन्न धाराओं में दोषसिद्ध कर कारावास एवं अर्थदंड से दंडित किया गया। पुलिस चौकी स्मृतिनगर, थाना सुपेला में अपराध क्रमांक 1025/2025 के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना उपरांत न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया गया था। सत्र न्यायालय, दुर्ग द्वारा 31.10.2026 को सत्र प्रकरण क्रमांक 55/2026 में निर्णय पारित कर पिता एवं पुत्र दोनों को दोषसिद्ध किया गया।”””मुख्य बिंदु”””: दुर्ग पुलिस की विवेचना एवं प्रभावी न्यायालयीन पैरवी के परिणामस्वरूप सड़क दुर्घटना के प्रकरण में वाहन चलाने वाले पुत्र के साथ-साथ उसे बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस वाहन चलाने देने वाले पिता को भी न्यायालय द्वारा दोषसिद्ध किया गया। पिता को मोटरयान अधिनियम की धारा 5/180 के तहत 03 माह का साधारण कारावास एवं 5,000 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई।”””संक्षिप्त विवरण”””: 04.08.2025 को रात्रि लगभग 20:30 बजे चौकी स्मृतिनगर, थाना सुपेला क्षेत्रांतर्गत इंदु आईटी स्कूल, कोहका के पास मोटरसाइकिल क्रमांक CG 07 CW-2768 के चालक मोहित कुमार बघेल द्वारा तेज एवं लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाते हुए एक्टिवा क्रमांक CG 19 A-2771 को टक्कर मार दी गई थी। दुर्घटना में एक्टिवा चालक शादान अली की मृत्यु हो गई थी तथा पीछे बैठे उत्तम पांडेय गंभीर रूप से घायल हो गए थे। घटना के संबंध में पुलिस चौकी स्मृतिनगर, थाना सुपेला में अपराध क्रमांक 1025/2025 पंजीबद्ध कर विवेचना की गई। विवेचना में यह तथ्य सामने आया कि मोटरसाइकिल चालक मोहित कुमार बघेल को उसके पिता मोहन लाल बघेल द्वारा वाहन चलाने के लिए दिया गया था, जबकि उसके पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस नहीं था।
पुलिस द्वारा विवेचना पूर्ण कर अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। प्रकरण सत्र प्रकरण क्रमांक 55/2026 के रूप में विचाराधीन रहा। 31.10.2026 को माननीय सत्र न्यायालय, दुर्ग द्वारा निर्णय पारित करते हुए वाहन चालक पुत्र एवं वाहन उपलब्ध कराने वाले पिता दोनों को संबंधित धाराओं में दोषसिद्ध कर दंडित किया गया।”””मॉडस ऑपरेंडी (अपराध करने का तरीका)”””: वाहन मालिक पिता द्वारा अपने पुत्र को बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस के मोटरसाइकिल चलाने के लिए दी गई थी। पुत्र द्वारा मोटरसाइकिल चलाते समय एक्टिवा को टक्कर मार दी गई, जिससे एक व्यक्ति की मृत्यु एवं दूसरा व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हुआ। “””न्यायालय द्वारा सुनाई गई सजा”””: मोहित कुमार बघेल (वाहन चालक),भारतीय न्याय संहिता की धारा 105(2) के तहत 05 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 1,000 रुपये अर्थदंड। भारतीय न्याय संहिता की धारा 110(2) के तहत 03 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 1,000 रुपये अर्थदंड। मोटरयान अधिनियम की धारा 184 के तहत 10 माह का साधारण कारावास एवं 3,000 रुपये अर्थदंड। मोटरयान अधिनियम की धारा 3/181 के तहत 03 माह का साधारण कारावास एवं 5,000 रुपये अर्थदंड। मोहन लाल बघेल (पिता एवं वाहन मालिक),मोटरयान अधिनियम की धारा 5/180 के तहत 03 माह का साधारण कारावास एवं 5,000 रुपये अर्थदंड।
अर्थदंड अदा नहीं करने पर 07 दिवस का अतिरिक्त साधारण कारावास। “””आरोपी का नाम”””:
मोहित कुमार बघेल, उम्र लगभग 19 वर्ष, निवासी वार्ड क्रमांक 21, भाटापारा कुरुद, पुलिस चौकी जामुल, जिला दुर्ग। मोहन लाल बघेल, उम्र लगभग 54 वर्ष, निवासी वार्ड क्रमांक 21, भाटापारा कुरुद, पुलिस चौकी जामुल, जिला दुर्ग।””””सराहनीय कार्य”””: उक्त प्रकरण में पुलिस चौकी स्मृतिनगर, थाना सुपेला की टीम द्वारा विवेचना कर साक्ष्यों के आधार पर अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। न्यायालय में राज्य की ओर से लोक अभियोजक श्री द्रोण ठाकुर द्वारा पैरवी की गई।”””दुर्ग पुलिस की अपील”””: दुर्ग पुलिस सभी अभिभावकों एवं वाहन मालिकों से अपील करती है कि 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को किसी भी परिस्थिति में मोटर वाहन चलाने न दें। वाहन सौंपने से पहले चालक की निर्धारित आयु एवं वैध ड्राइविंग लाइसेंस की जांच अवश्य करें। नाबालिगों को वाहन चलाने देना उनके स्वयं के साथ-साथ सड़क पर चलने वाले अन्य नागरिकों की सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा है। यातायात नियमों का पालन करें तथा जिम्मेदार नागरिक बनकर सड़क सुरक्षा में सहयोग करें।
