दुर्ग/लगभग एक करोड़ रुपये की सनसनीखेज चोरी का दुर्ग पुलिस ने किया बड़ा खुलासा, अंतरराज्यीय गिरोह के 09 सदस्य गिरफ्तार।””””मुख्य बिंदु”””: थाना वैशाली नगर क्षेत्र में डॉक्टर के सूने मकान से नकदी एवं सोने-चांदी तथा डायमंड के कीमती आभूषणों की लगभग एक करोड़ रुपये की चोरी का खुलासा। भिलाई से गोंदिया, नागपुर, मिर्जापुर, प्रयागराज एवं भदोही (उत्तरप्रदेश) तक पीछा कर दुर्ग पुलिस ने अंतरराज्यीय गिरोह का किया पर्दाफाश।
आरोपियों की तलाश में महाराष्ट्र एवं उत्तरप्रदेश तक पुलिस की लगातार दबिश। चोरी के आभूषण घर के अंदर जमीन के नीचे गड्ढा खोदकर छिपाए गए थे, जबकि ज्वेलर्स द्वारा सोने के आभूषण भट्टी में गलाकर उनका स्वरूप बदल दिया गया था। चोरी की रकम से दिल्ली में खरीदी गई एक्सयूवी. कार एवं सुपर स्प्लेंडर मोटर साइकिल पुलिस ने की बरामद।चोरी का माल लेकर भागने की फिराक में निकले आरोपियों को तड़के रात्रि लगभग 03 बजे पुलिस ने घेराबंदी कर पकड़ा। चोरी का माल खरीदने वाले ज्वेलर्स, माल छिपाने वाले एवं फरार आरोपी को संरक्षण तथा परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने वाले सहयोगियों पर भी कार्रवाई। 47 लाख 64 हजार रुपये नगद, सोने-चांदी के आभूषण, एक्सयूवी. कार, सुपर स्प्लेंडर मोटरसाइकिल, इनोवा वाहन एवं मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक एवं कंप्यूटर उपकरण सहित लगभग एक करोड़ रुपये की संपत्ति बरामद एवं जप्त,प्रकरण में 09 आरोपी गिरफ्तार, मुख्य आरोपी राहुल बंसोड़ की तलाश जारी।””””संक्षिप्त विवरण”””: प्रार्थिया डॉक्टर नमिता मित्तल, निवासी सुंदर नगर, थाना वैशाली नगर, जिला दुर्ग द्वारा रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि 17.10.2026 को वह अपने परिवार सहित घर में ताला लगाकर एक सप्ताह के लिए बाहर गई थीं। 23.10.2026 को सुबह वापस लौटने पर घर के अंदर अलमारी में रखी नकदी रकम तथा सोने-चांदी एवं डायमंड के कीमती आभूषण गायब मिले। अज्ञात आरोपियों द्वारा सूने मकान को निशाना बनाकर घर में प्रवेश किया गया तथा बड़ी मात्रा में कीमती संपत्ति चोरी कर ली गई थी। प्रार्थिया की रिपोर्ट पर थाना वैशाली नगर में अपराध क्रमांक 389/2026, धारा 331(4), 305 बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।
घटना की गंभीरता एवं चोरी गई संपत्ति की अत्यधिक कीमत को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) तथा नगर पुलिस अधीक्षक भिलाईनगर के नेतृत्व में थाना वैशाली नगर एवं एसीसीयू की संयुक्त पुलिस टीम गठित कर आरोपियों की पतासाजी, गिरफ्तारी एवं चोरी गए मशरूका की शत-प्रतिशत बरामदगी के निर्देश दिए गए।
“””घटनास्थल निरीक्षण एवं तकनीकी साक्ष्यों से संदिग्धों तक पहुंची पुलिस”””: गठित पुलिस टीम द्वारा सर्वप्रथम घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया गया। आसपास के सीसीटीवी फुटेज, संदिग्ध व्यक्तियों की गतिविधियों एवं क्षेत्र में सक्रिय आपराधिक तत्वों की जानकारी एकत्र की गई। इसी दौरान वैशाली नगर क्षेत्र के राहुल बंसोड़ के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हुई। घटना दिनांक के आसपास उसे अपने साथियों के साथ घटनास्थल के आसपास संदिग्ध परिस्थितियों में घूमते हुए देखे जाने की सूचना मिली। घटना के बाद से ही उसके फरार होने की जानकारी भी सामने आई। पुलिस टीम द्वारा आरोपी की पतासाजी के लिए विशेष टीम गठित कर गोंदिया एवं नागपुर में दबिश दी गई, लेकिन आरोपी लगातार अपना ठिकाना बदलकर पुलिस से बचने का प्रयास करता रहा। दुर्ग पुलिस की अंतरराज्यीय कार्रवाई – गोंदिया, नागपुर से मिर्जापुर एवं भदोही तक पीछा। तकनीकी साक्ष्यों एवं गोपनीय सूचनाओं के आधार पर पुलिस टीम को उत्तरप्रदेश के मिर्जापुर एवं भदोही क्षेत्र में आरोपियों की मौजूदगी की जानकारी मिली। इस पर पुलिस की विशेष टीम तत्काल उत्तरप्रदेश रवाना हुई। आरोपी लगातार प्रयागराज एवं मिर्जापुर के बीच अपना ठिकाना बदल रहा था। पुलिस की कार्रवाई से बचने के लिए वह गंगा नदी के एक किनारे से दूसरे किनारे तक नाव के माध्यम से आवागमन कर रहा था। स्थानीय पुलिस के सहयोग से अलग-अलग टीमें गठित कर घेराबंदी एवं पतासाजी की गई। लगातार प्रयासों के बाद चोरी में शामिल आरोपी प्रदीप कुमार चौधरी को पकड़ा गया। प्रारंभ में आरोपी पुलिस को गुमराह करता रहा, किंतु विस्तृत पूछताछ में उसने चोरी की घटना में शामिल होना स्वीकार किया। उसकी निशानदेही पर उसके हिस्से में आई नकदी रकम एवं सोने के आभूषण घर के अंदर कमरे के फर्श के नीचे जमीन में गड्ढा खोदकर छिपाए गए स्थान से बरामद किए गए। चोरी के सोने के आभूषण खरीदने वाला ज्वेलर्स भी गिरफ्तार। पूछताछ में प्रदीप कुमार चौधरी ने बताया कि उसने अपने हिस्से के सोने के आभूषण भदोही स्थित वैष्णवी ज्वेलर्स के संचालक सोनू जायसवाल को कम कीमत पर बेचे थे। इस सूचना पर पुलिस द्वारा वैष्णवी ज्वेलर्स के संचालक से पूछताछ की गई। पूछताछ में उसके द्वारा चोरी के आभूषण कम कीमत पर खरीदना तथा कुछ आभूषणों को अपने घर में रखी भट्टी में गलाकर उनका स्वरूप बदलना स्वीकार किया गया। इसी क्रम में आरोपी प्रदीप कुमार चौधरी के रिश्तेदार सुजीत सिंह उर्फ बाबू की संलिप्तता भी सामने आई। उसके द्वारा चोरी के आभूषणों की बिक्री कराने, चोरी का माल खपाने एवं आरोपियों को सहयोग करने तथा इसके एवज में लाखों रुपये प्राप्त करने की जानकारी मिली। पुलिस द्वारा चोरी के आभूषणों को गलाकर उनका स्वरूप बदलने एवं उनकी बिक्री के संबंध में आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
“””चोरी की रकम से खरीदे वाहन एवं घरेलू निर्माण में किया खर्च”””: विवेचना में पाया गया कि आरोपी प्रदीप कुमार चौधरी ने चोरी से प्राप्त रकम का उपयोग अपने निजी लाभ के लिए किया था। उसने चोरी की रकम से अपने घर में बोरिंग खोदवाने, मकान की मरम्मत कराने एवं मोटर पंप लगवाने के साथ लगभग एक लाख रुपये की सुपर स्प्लेंडर मोटरसाइकिल खरीदी थी।
इसी प्रकार मुख्य आरोपी राहुल बंसोड़ घटना के बाद भिलाई से फरार होकर गोंदिया, नागपुर, मिर्जापुर एवं प्रयागराज होते हुए दिल्ली पहुंचा था। वहां उसने चोरी की रकम से अपने उपयोग के लिए सेकंड हैंड एक्स.यू.वी. वाहन क्रमांक DL-10-N-1411 खरीदा तथा बाद में उसी वाहन से भिलाई वापस आया। पुलिस द्वारा चोरी की रकम से खरीदी गई एक्सयूवी. कार एवं सुपर स्प्लेंडर मोटरसाइकिल को बरामद कर जप्त किया गया है। पुलिस को जानकारी मिली कि राहुल बंसोड़ ने चोरी की नकदी एवं सोने-चांदी के आभूषण अपने माता-पिता एवं भाई के पास सुरक्षित छिपाकर रखे थे। पुलिस की नजरों से बचकर चोरी का माल प्राप्त करने के उद्देश्य से वह भिलाई आया था। पुलिस टीम द्वारा पूर्व से ही आरोपी के निवास स्थान, परिचितों, रिश्तेदारों एवं दोस्तों की गतिविधियों पर निगरानी रखी जा रही थी। इसी दौरान आरोपी को पुलिस की घेराबंदी की भनक लग गई और वह अपनी एक्सयूवी. गाड़ी को सुपेला चौक के आसपास छोड़कर फरार हो गया । अपने भाई आयुष बंसोड़ एवं परिचितों को इनोवा वाहन की व्यवस्था कर चोरी का माल लेकर राजनांदगांव-नागपुर रोड की ओर आने के लिए कहा था जांच में आरोपी के भाई आयुष बंसोड़, रेखचंद्र देवांगन, इनोवा वाहन मालिक आकाश कुमार श्रीपाद एवं अमन सिंह की भूमिका सामने आई। इनके द्वारा इनोवा वाहन क्रमांक CG-11-I-9909 की व्यवस्था कर चोरी की नकदी एवं आभूषणों को सुरक्षित स्थान पर ले जाने की योजना बनाई गई थी। इस कार्य के एवज में आर्थिक लाभ प्राप्त करना भी जांच में सामने आया। तड़के रात्रि 03 बजे पुलिस की घेराबंदी, चोरी का माल लेकर भाग रहे आरोपियों को दबोचा,पुलिस की अलग-अलग टीमों द्वारा संभावित रास्तों पर रणनीतिक तरीके से घेराबंदी की गई। इसी दौरान रात्रि लगभग 03 बजे चोरी का माल लेकर निकल रहे आरोपियों एवं उनके सहयोगियों को पुलिस टीम ने अलग-अलग वाहनों से आगे एवं पीछे से घेरकर रोक लिया। पुलिस की त्वरित एवं सुनियोजित कार्रवाई में आरोपियों को पकड़कर उनके कब्जे से इनोवा वाहन सहित नकदी रकम एवं सोने-चांदी के आभूषण बरामद किए गए। जांच में आरोपी राहुल बंसोड़ के माता-पिता एवं भाई आयुष बंसोड़ की भूमिका चोरी के माल को छिपाकर रखने तथा चोरी की रकम का उपयोग घरेलू खर्चों में किए जाने के संबंध में सामने आई।
इसी प्रकार रेखचंद्र देवांगन, आकाश कुमार श्रीपाद एवं अमन सिंह द्वारा आरोपी राहुल बंसोड़ को पुलिस से बचाने, चोरी की नकदी एवं आभूषणों को सुरक्षित स्थान पर ले जाने के लिए वाहन उपलब्ध कराने तथा फरार होने में सहयोग करने की भूमिका सामने आई। पुलिस द्वारा सभी संबंधित आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके विरुद्ध अपराध में संलिप्तता के आधार पर वैधानिक कार्रवाई की गई है।
“”””घटना का उद्देश्य””””: विवेचना में सामने आया कि आरोपियों का मुख्य उद्देश्य सूने मकान को निशाना बनाकर बड़ी मात्रा में नकदी एवं कीमती आभूषण चोरी कर आर्थिक लाभ अर्जित करना था। चोरी की घटना के बाद आरोपियों द्वारा चोरी की संपत्ति को आपस में बांटकर अलग-अलग स्थानों पर छिपाया गया। चोरी के सोने के आभूषणों को कम कीमत पर ज्वेलर्स को बेचकर तथा कुछ आभूषणों को भट्टी में गलाकर उनका स्वरूप बदलकर पहचान छिपाने का प्रयास किया गया। चोरी की रकम से वाहन खरीदे गए तथा कुछ रकम का उपयोग घरेलू निर्माण एवं निजी खर्चों में किया गया। वहीं अन्य सहयोगियों द्वारा चोरी का माल छिपाने, खरीदने, खपाने, फरार आरोपी को संरक्षण देने एवं चोरी की संपत्ति को दूसरे स्थान पर पहुंचाने में सहयोग किया गया।””””गिरफ्तार आरोपियों का विवरण”””: प्रदीप कुमार चौधरी, उम्र 20 वर्ष, निवासी हरीरामपुर, चौकी कटरा, थाना कोइरौना, जिला भदोही (उत्तरप्रदेश), हाल पता वृंदा नगर, वैशाली नगर, भिलाई। सुजीत सिंह, उम्र 32 वर्ष, निवासी ग्राम नारायणपुर, थाना औराई, जिला मिर्जापुर (उत्तरप्रदेश)।
सोनू जायसवाल, उम्र 37 वर्ष, निवासी राजपुरा, भदोही, थाना सिटी कोतवाली, जिला भदोही (उत्तरप्रदेश)। (ज्वेलर्स एवं चोरी के आभूषणों का खरीददार)
रविन्द्र बंसोड़, उम्र 49 वर्ष, निवासी चंदनपारा, बाबादीप सिंह नगर, वार्ड क्रमांक 25, थाना वैशाली नगर, भिलाई, जिला दुर्ग। किरण बंसोड़, उम्र 48 वर्ष, निवासी चंदनपारा, बाबादीप सिंह नगर, वार्ड क्रमांक 25, थाना वैशाली नगर, भिलाई, जिला दुर्ग। आयुष बंसोड़, उम्र 29 वर्ष, निवासी बाबादीप सिंह नगर, चंदन नगर, थाना वैशाली नगर, जिला दुर्ग। रेखचंद्र देवांगन, उम्र 26 वर्ष, निवासी बाबादीप सिंह नगर, थाना वैशाली नगर, जिला दुर्ग। (सहयोगी) आकाश कुमार श्रीपाद, उम्र 26 वर्ष, निवासी एलआईजी-68, हाउसिंग बोर्ड, थाना वैशाली नगर, जिला दुर्ग। (इनोवा वाहन मालिक एवं सहयोगी) अमन सिंह, उम्र 25 वर्ष, निवासी वृंदा नगर, कैंप-01, मकान नंबर 53, थाना वैशाली नगर, जिला दुर्ग। (सहयोगी) नोट : मुख्य आरोपी राहुल बंसोड़ घटना के बाद से फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए दुर्ग पुलिस की विशेष टीमें लगातार प्रयासरत हैं।””””बरामद संपत्ति का विवरण””””:
नगदी रकम 47,64,000/- रू0 (सैतालिस लाख, चौसठ हजार रूपये),सोने के आभूषण छोटी-बड़ी कंगन, छोटी-बड़ी चैन, लॉकेट एवं अन्य आभूषण। चांदी के आभूषण एवं चांदी के बिस्किट। चोरी की रकम से खरीदी गई एक्सयूवी.वाहन क्रमांक डी.एल.10 सी.एन 1411,चोरी की रकम से खरीदी गई नया सुपर स्पेलेन्डर मोटर साइकिल। अपराध में प्रयुक्त इनोवा वाहन क्रमांक सीजी 11 आई 9909, 02 इलेक्ट्रानिक तराजू सोना चांदी तौलने वाला। 01 डीवीआर। 01 डेल कंपनी का लेपटांप। 01 टेबलेट। 01 पेटीएम मशीन। 01 पावर बैंक। चोरी के पैसा से खरीदा हुआ दो मोबाईल 1. सैमसंग 2. नाथिग। मोबाइल फोन 05 नग कुल मोबाईल 07 नग। जुमला कीमती लगभग एक करोड़ रूपये।
“”””सराहनीय भूमिका”””: इस सनसनीखेज चोरी के प्रकरण में दुर्ग पुलिस द्वारा त्वरित एवं सुनियोजित कार्रवाई करते हुए घटनास्थल निरीक्षण, सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों एवं गोपनीय सूचनाओं के आधार पर आरोपियों की पहचान की गई। इसके पश्चात छत्तीसगढ़ से महाराष्ट्र एवं उत्तरप्रदेश तक लगातार दबिश देकर गिरोह के सदस्यों को गिरफ्तार किया गया। स्थानीय पुलिस के समन्वय से अंतरराज्यीय स्तर पर आरोपियों की पतासाजी, चोरी के माल की बरामदगी, चोरी के आभूषण खरीदने वाले ज्वेलर्स की गिरफ्तारी तथा चोरी की रकम से खरीदे गए वाहनों की जप्ती की गई। विशेष रूप से चोरी का माल लेकर भागने की कोशिश कर रहे आरोपियों को तड़के रात्रि लगभग 03 बजे सुनियोजित घेराबंदी कर पकड़ना दुर्ग पुलिस की तत्परता एवं प्रभावी पुलिसिंग को दर्शाता है। प्रकरण में मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी, चोरी की शेष संपत्ति की बरामदगी एवं अन्य संलिप्त व्यक्तियों की भूमिका की जांच लगातार जारी है।
“””दुर्ग पुलिस की अपील”””: घर को लंबे समय तक सूना छोड़कर बाहर जाने से पहले संबंधित थाना अथवा बीट पुलिस को इसकी सूचना अवश्य दें। घर एवं मुख्य दरवाजे पर मजबूत ताले लगाएं तथा संभव हो तो सीसीटीवी कैमरे एवं अलार्म सिस्टम लगवाएं,घर में बड़ी मात्रा में नकदी एवं कीमती आभूषण रखने से बचें। आवश्यक होने पर बैंक लॉकर का उपयोग करें। घर के आसपास किसी भी संदिग्ध व्यक्ति अथवा अनजान वाहन की गतिविधि दिखाई देने पर तत्काल पुलिस को सूचना दें। अपने घर एवं आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों को चालू स्थिति में रखें तथा उनकी रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखें। चोरी का सामान कम कीमत पर खरीदने अथवा बेचने वाले व्यक्तियों से सतर्क रहें तथा ऐसी गतिविधियों की जानकारी पुलिस को दें।
किसी भी आपात स्थिति अथवा अपराध की सूचना तत्काल डायल 112 पर दें। दुर्ग पुलिस आम नागरिकों की सुरक्षा एवं संपत्ति की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। अपराधियों एवं चोरी के माल को खरीदने, छिपाने तथा खपाने में सहयोग करने वालों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। अपराध कर कोई भी व्यक्ति कानून की गिरफ्त से बच नहीं सकता।
