भिलाई/छत्तीसगढ़ के पूर्व राज्यमंत्री बदरुद्दीन कुरैशी ने, शरद पूर्णिमा के पावन अवसर पर समस्त देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएँ l सुख, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और खुशहाल जीवन की कामना। पूर्णिमा भारतीय संस्कृति, धार्मिक आस्था और प्राकृतिक सौंदर्य का अनूठा पर्व है। हिंदू पंचांग के अनुसार आश्विन मास की पूर्णिमा को मनाया जाने वाला यह त्योहार वर्षा ऋतु के समापन और शरद ऋतु के आगमन का प्रतीक माना जाता है। इस दिन चंद्रमा अपनी पूर्ण कलाओं के साथ आकाश में दिखाई देता है, इसलिए इसे विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्त्व प्राप्त है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार शरद पूर्णिमा की रात्रि में चंद्रमा की किरणों को अमृतमयी माना जाता है। इस अवसर पर अनेक परिवारों में खीर बनाकर चंद्रमा की रोशनी में रखने की परंपरा है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इसी दिन भगवान श्रीकृष्ण ने वृंदावन में गोपियों के साथ महारास रचाया था, जिसे रास पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। यह पावन पर्व प्रेम, सद्भाव, एकता और सकारात्मकता का संदेश देता है। उन्होंने कामना की कि शरद पूर्णिमा का यह शुभ अवसर सभी के जीवन में सुख-शांति, समृद्धि और नई खुशियाँ लेकर आए तथा समाज में आपसी भाईचारे और सौहार्द की भावना और अधिक मजबूत हो।
