भिलाई/छत्तीसगढ़ के पूर्व राज्यमंत्री बदरुद्दीन कुरैशी ने, भारत की महान गायिका भारत रत्न लता मंगेशकर एवं महान क्रांतिकारी शहीद भगत सिंह की जयंती पर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन । उन्होंने कहा कि 28 सितंबर भारत के इतिहास में दो महान विभूतियों के जन्मदिवस के रूप में विशेष महत्व रखता है। लता मंगेशकर का जन्म 28 सितंबर 1929 को इंदौर में हुआ था। उन्होंने अपनी मधुर और अद्वितीय आवाज से भारतीय संगीत को विश्वभर में पहचान दिलाई। लगभग आठ दशकों तक संगीत की सेवा करने वाली लता को भारत रत्न सहित अनेक सम्मान प्राप्त हुए। उनकी आवाज और संगीत की विरासत आने वाली पीढ़ियों को सदैव प्रेरणा देती रहेगी। कुरैशी ने शहीद- ए- आजम भगत सिंह को नमन करते हुए कहा कि उनका जीवन भारत के स्वतंत्रता संग्राम के साहस, त्याग और देशभक्ति का महत्वपूर्ण अध्याय है। भगत सिंह का जन्म 28 सितंबर 1907 को बंगा गांव, लायलपुर (वर्तमान पाकिस्तान) में हुआ था। युवावस्था में ही वे स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े और ब्रिटिश शासन के विरुद्ध क्रांतिकारी गतिविधियों में सक्रिय रहे। 8 अप्रैल 1929 को केंद्रीय विधानसभा में बटुकेश्वर दत्त के साथ बम फेंकने के मामले में उन्हें गिरफ्तार किया गया तथा बाद में लाहौर षड्यंत्र मामले में उन्हें राजगुरु और सुखदेव के साथ 23 मार्च 1931 को फांसी दी गई। उनका संघर्ष और बलिदान आज भी देश के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
