भिलाई/प्राप्त जानकारीनुसार छावनी चौक से लेकर सुंदर नगर तक गौरव पथ का निर्माण किया गया ताकि आमजनता को इसका लाभ मिल सके जो कि संधारण के अभाव में अपनी चमक खोता जा रहा है इसके लिए लोग कथित रूप से निगम प्रशासन को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं और जोन आयुक्त पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग कर रहे हैं। ज्ञात हो कि उक्त सड़क को एमआर-9 भी कहा जाता हैं जो कि शहर की मुख्य व व्यस्तम मार्ग हैं जिसे जनता की भारी डिमांड पर बनाया गया था लेकिन देखरेख के बिना इसकी दुर्गति हो रही हैं। आइये आपको बताते हैं कि एमआर-9 रोड किसे कहते हैं? “”एमआर”” का अर्थ “”मेजर रोड”” होता हैं किसी भी शहर के विकास और यातायात को सुगम बनाने के लिए मास्टर प्लान के तहत कुछ मुख्य और बड़ी सड़को की योजना बनाई जाती है जिन्हें मेजर रोड या शॉर्टकट में एमआर कहा जाता हैं इसी क्रम में 9 उस विशेष सड़क योजना का नंबर पहचान है।एमआर 9 रोड से कनेक्टिविटी बनी रहती हैं, आवागमन सुगम होता हैं,सुरक्षित मार्ग एवं पैदल चलने वालों को सुविधा प्रदान करना होता हैं तथा राहगीरों के लिए निरापद फुटपाथ बनाएं जाते हैं जिससे दुर्घटनाओं का खतरा कम होता हैं। सड़क के दोनों किनारों पर आधुनिक एलएडी लाइट्स लगाई जाती हैं जिससे रात में उजाला व सुंदरता बढ़ती है। दीवारों पर चित्रकारी और पौधों की व्यवस्था करके शहर या गांव के मुख्य हिस्से को नया रूप दिया जाता हैं। यह उस क्षेत्र के सुनियोजित विकास और आधुनिकीकरण का प्रतीक माना जाता हैं। प्रशासन द्वारा सड़क पर गौरव पथ का निर्माण शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों की मुख्य आधुनिक,सुंदर और सुविधायुक्त बनाने के लिए किया जाता हैं इसका प्रमुख महत्व बेहतर यातायात, आधुनिक बुनियादी ढांचे और क्षेत्र के विकास को गति देना है। लेकिन यहां पर ऐसा होता दिखलाई नहीं पड़ रहा हैं बल्कि छावनी चौक से लेकर अमर शहीद पोटटी श्रीरामुलु तक गड्ढे-ही-गड्ढे नजर आ रहे हैं जो कि अंगद के पांव की तरह जम गए हैं और गड्ढों के कारण आये दिन हादसे हो रहे हैं जो कि कभी भी जानलेवा साबित हो सकते हैं। कथित तौर से लोगों का कहना है कि इस मार्ग से रोजाना पचासों स्कूली बसों का आना-जाना लगा रहता जिसमें छोटे-छोटे बच्चे सफ़र करते हैं गड्ढों में झटका लगने से उनके नाजुक शरीर पर भी विपरीत प्रभाव पड़ सकता है,इसी मार्ग का उपयोग कॉलेज स्टूडेंट और हॉस्पिटल जाने-आने वाले भी करते हैं,इन गड्ढों के कारण कई बार सवारी सहित ई-रिक्शा पलट चुकी हैं लेकिन भगवान की कृपा से कभी कोई अनहोनी नहीं घटी,बहुत से दो पहिया वाहन चालक उछलकर गिर चुके हैं बार-बार निगम प्रशासन से शिकायत करने के बावजूद ठोस इंतजाम न करके केवल लीपापोती की जाती हैं,मिट्टी,मुरूम डालकर छोड़ दिया जाता हैं जो कि कुछ दिनों बाद स्थिति पूर्ववत हो जाती हैं। खासकर बरसात में मिट्टी आदि डालने से कीचड़ और दलदल हो जाता हैं जिसकी वजह से हादसे ओर भी बढ़ जाते हैं ऐसे में निगम प्रशासन अपनी जिम्मेदारी से कैसे बच सकता हैं। गौरव पथ के गौरव की धज्जियां उड़वाने वाले अधिकारियों पर कड़ी कार्यवाही हो,हम सभी क्षेत्रवासी तेजतर्रार व ईमानदार निगम आयुक्त से मांग करते हैं कि जल्द ही राह का संधारण करवाए।
