भिलाई/कथित तौर से कार्यकर्ताओं ने चर्चा के दौरान कहा कि वार्ड 33 संतोषी पारा से केवल सामान्य वर्ग के व्यक्ति को ही प्रत्याशी बनाया जाएं क्योंकि सामान्य वर्ग को जल्दी मौका नहीं मिलता है, आरक्षण में सामान्य सीट नहीं होने से चुनाव नहीं लड़ पाते हैं ऐसे में अगर किसी अन्य वर्ग को प्रत्याशी बनाया जाएगा तो इसका विरोध पार्टी और जमीनी स्तर पर किया जाएगा। ज्ञात हो कि उक्त वार्ड अभी हुए आरक्षण में सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित हुआ है जिसमें सामान्य वर्ग भी खड़ा हो सकता हैं। मालूम हो कि जब कोई वार्ड एससी,एसटी और ओबीसी वर्ग के लिए सुरक्षित होता हैं तो अनारक्षित वर्ग नियमों के अनुसार चुनाव में भाग नहीं ले सकता। ऐसा कभी कभार ही संभव हो पाता हैं कि कुछ सीटें सामान्य वर्ग को मनमुताबिक निर्वाचन में खड़े होने तकदीर से मिल जाती हैं ऐसे में सामान्य वर्ग के कार्यकर्ता भी अपनी किस्मत आजमाना चाहते हैं ताकि वो भी वार्ड चुनाव का आनंद ले सके वहीं कुछ पुराने चेहरे भी क्षेत्र में सक्रिय हो गये हैं जो कि निगम चुनाव में विपक्ष से दो- दो हाथ करने को मुस्तैद दिख रहे हैं। अब देखना यह हैं कि कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व कैसे संतुलन बनाता है क्योंकि निगम चुनाव से ही विधानसभा की तैयारी शुरू हो जाएगी।
