भिलाई/छत्तीसगढ़ के पूर्व राज्य मंत्री बदरुद्दीन कुरैशी ने, 17 सितंबर, विश्वकर्मा जयंती एवं विश्वकर्मा पूजा के पावन अवसर पर प्रदेश एवं देशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं । श्री विश्वकर्मा को सृजन, शिल्प, निर्माण एवं तकनीकी कौशल का प्रतीक माना जाता है। यह पर्व विशेष रूप से कारीगरों, शिल्पकारों, श्रमिकों तथा निर्माण और सृजन से जुड़े सभी कर्मयोगियों के सम्मान का अवसर है। भारत की समृद्ध परंपरा में बढ़ई, लोहार, सुनार, कुम्हार, मूर्तिकार, मिस्त्री सहित अनेक पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उनके हुनर, मेहनत और पीढ़ी-दर-पीढ़ी हस्तांतरित ज्ञान ने समाज और देश के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने भगवान विश्वकर्मा से सभी के जीवन में सुख, समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना करते हुए कहा कि यह पर्व हमें मेहनत, कौशल और सृजन के प्रति सम्मान की प्रेरणा देता है।
