भिलाई/छत्तीसगढ़ के पूर्व राज्य मंत्री बदरुद्दीन कुरैशी ने, 6 अगस्त को राष्ट्र महान स्वतंत्रता सेनानी, प्रखर राष्ट्रवादी चिंतक, ओजस्वी वक्त तथा आधुनिक भारत में राष्ट्रीय चेतना के अग्रदूत सुरेंद्रनाथ बनर्जी की पुण्यतिथि पर उन्हें सादर नमन करते हैं । उन्हें भारतीय राष्ट्रवाद के प्रारंभिक शिल्पकारों में गिना जाता है । उन्होंने भारतीयों में राजनीतिक जागरूकता, राष्ट्रीय एकता और स्वशासन की भावना को मजबूत करने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई । वर्ष 1876 में उन्होंने इंडियन नेशनल एसोसिएशन की स्थापना की जिसने पूरे देश के शिक्षित भारतीयों को एक साझा राष्ट्रीय मंच पर संगठित किया । इसी राष्ट्रीय चेतना और राजनीतिक संगठन की मजबूत नींव ने आगे चलकर वर्ष 1885 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना का मार्ग प्रशस्त किया । इसलिए सुरेंद्रनाथ बनर्जी को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के निर्माण की वैचारिक पृष्ठभूमि तैयार करने वाले प्रमुख अग्रदूतों में सम्मानपूर्वक स्मरण किया जाता है। सुरेंद्रनाथ बनर्जी ने अपने लेखन, भाषणों और जन जागरण अभियानों के माध्यम से देशवासियों में स्वतंत्रता, समान अधिकार और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति विश्वास जगाया । उन्हें “राष्ट्रगुरु” की उपाधि भी मिली, क्योंकि उन्होंने युवा पीढ़ी को राष्ट्र सेवा और जनहित के लिए प्रेरित किया । उनकी दूरदर्शिता, संगठन क्षमता और राष्ट्रभक्त में भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन को नई दिशा प्रदान की। उनकी पुण्यतिथि पर हम उनके आदर्श, राष्ट्रीय एकता, लोकतंत्र, सामाजिक न्याय और जन सेवा को आत्मसात करने का संकल्प लेते हैं तथा उनके अमूल्य योगदान को कृतज्ञतापूर्वक स्मरण करते हुए विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं।
