भिलाई/प्राप्त जानकारीनुसार वार्ड 32 बैकुंठधाम का पुलिया का किनारा पिछले कई महीनो से टूटा पड़ा है जिसकी वजह से आए दिन लोग दुर्घटनाओं के शिकार हो रहे हैं और अनेक बार स्कूली बच्चे बड़ी मुश्किल से बचे हैं लेकिन वार्ड पार्षद के कानों में जूं तक नहीं रेंग रही है। जैसे ही हम बैकुंठधाम मंदिर से गार्डन,पानी टंकी की तरफ जाते हैं वहीं पर वाधवा कोऑपरेटिव के पहले चौराहे पर पुलिया का एक किनारा बड़े ही भयंकर रूप से टूटा हुआ है जो कि हादसों को बुलावा दे रहा है। आप देखेंगे तो पाएंगे कि सड़क से सट कर का टूटा हुआ है और जहां से बस्ती वालों के साथ-साथ समीपस्थ स्कूल के बच्चे एवं राहगीर भी आवागमन करते हैं जिसके कारण रोड पर दबाव अधिक रहता है ऐसे में कई लोग हादसे से चोटिल हो चुके हैं। बरसात में दुर्घटना होना तय है क्योंकि पानी के कारण पूरी सड़क भर जाएगी और आने – जाने वालों को पुलिया का टूटा हिस्सा दिखलाई नहीं पड़ेगा और पथिक सीधे गड्ढे में गिर जाएंगे। कभी भी स्कूली बच्चे इसमें गिरकर किसी अप्रिय घटना का शिकार हो सकते हैं। पूर्व में कुछ ऐसे ही वाहन चालक उक्त टूटे पुलिया के भुक्तभोगी बन चुके हैं लेकिन मदद मिल जाने के कारण कोई बड़ी दुर्घटना नहीं घटी। पार्षद के द्वारा जानबूझकर की जा रही अनदेखी किसी को भी भारी पड़ सकती है। कुछ राहगीरों ने चर्चा के दौरान बताया कि इस टूटे पुलिया के कारण कई बार हम लोग गिरते – गिरते बचे हैं लेकिन कुछ लोग पहले गिरकर घायल हो चुके हैं जो कि बिना शिकायत के ही चुपचाप चले गए परंतु स्थानीय नागरिकों के द्वारा इसके संबंध में पार्षद को कई बार शिकायतें की जा चुकी हैं मगर वह किस कारण इस ओर ध्यान नहीं दे रही हैं यह पता नहीं ? इस वार्ड में जन समस्याओं को सुनने वाला कोई नहीं है बेचारी जनता शिकायत करें तो किससे करें?
