दुर्ग/महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत दुर्ग जिले की सभी 300 ग्राम पंचायतों में बड़े पैमाने पर निर्माण कार्य संचालित किए जा रहे हैं। इन कार्यों के माध्यम से जिले के 66 हजार 663 से अधिक ग्रामीण श्रमिकों को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। वर्तमान में जिले में 3923 निर्माण कार्य प्रगति पर हैं, जिनसे एक ओर ग्रामीण परिवारों की आजीविका सुदृढ़ हो रही है, वहीं दूसरी ओर जल संरक्षण, भू-जल संवर्धन तथा ग्रामीण अधोसंरचना विकास को भी नई दिशा मिल रही है।
कलेक्टर अभिजीत सिंह के मार्गदर्शन एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत दुर्ग बजरंग कुमार दुबे के निर्देशन में जिले में 1 जुलाई 2026 से विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण योजना के प्रभावी क्रियान्वयन की तैयारी पूर्ण कर ली गई है। साथ ही आगामी वर्षा ऋतु को ध्यान में रखते हुए सभी मिट्टी मूलक निर्माण कार्यों को समय- सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं। सभी ग्राम पंचायतों में जॉब कार्डधारी श्रमिकों को निरंतर रोजगार उपलब्ध कराने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। मुख्य कार्यपालन अधिकारियों, कार्यक्रम अधिकारियों एवं मैदानी अमले को श्रमिकों की मांग के अनुरूप तत्काल कार्य उपलब्ध कराने तथा नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। मनरेगा के तहत जिले में अब तक 21 लाख 45 हजार 386 मानव दिवस सृजित किए जा चुके हैं। इसके साथ ही 2093 परिवारों को 100 दिवस का रोजगार उपलब्ध कराया गया है तथा 600 दिव्यांग परिवारों को भी रोजगार से जोड़ा गया है। यह उपलब्धि ग्रामीण परिवारों की आर्थिक सुरक्षा एवं सामाजिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। जनपद पंचायतवार स्थिति पर नजर डालें तो जनपद पंचायत दुर्ग अंतर्गत 1048 कार्यों में 16 हजार 806 श्रमिक कार्यरत हैं। इसी प्रकार जनपद पंचायत धमधा अंतर्गत 1687 कार्यों में 22 हजार 963 श्रमिक तथा जनपद पंचायत पाटन अंतर्गत 1188 कार्यों में 26 हजार 865 श्रमिक रोजगार प्राप्त कर रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में वर्तमान में अमृत सरोवर निर्माण, नवीन तालाब निर्माण, तालाब गहरीकरण, आजीविका डबरी निर्माण, वाटर हार्वेस्टिंग टैंक (डब्ल्यूएचटी), कच्ची सिंचाई नाली निर्माण सहित अन्य श्रममूलक कार्य प्राथमिकता के साथ संचालित किए जा रहे हैं। इन कार्यों से जल संरक्षण को बढ़ावा मिलने के साथ कृषि उत्पादन क्षमता में वृद्धि तथा ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी परिसंपत्तियों का निर्माण भी हो रहा है। जिले में मनरेगा के तहत कुल 36 करोड़ 29 लाख 70 हजार रुपये की मजदूरी राशि का भुगतान किया जा चुका है। इसमें जनपद पंचायत दुर्ग के श्रमिकों को 11 करोड़ 43 लाख 73 हजार रुपये, जनपद पंचायत धमधा के श्रमिकों को 12 करोड़ 14 लाख 07 हजार रुपये तथा जनपद पंचायत पाटन के श्रमिकों को 9 करोड़ 47 लाख 88 हजार रुपये की राशि उनके बैंक खातों में जमा कराई गई है। इसके अतिरिक्त अन्य क्रियान्वयन एजेंसियों के माध्यम से 2 करोड़ 56 लाख 43 हजार रुपये की मजदूरी राशि का भी भुगतान किया गया है। गुणवत्तापूर्ण निर्माण कार्य सुनिश्चित करने के लिए सभी तकनीकी सहायकों को कार्यस्थलों का नियमित निरीक्षण, सूचना बोर्ड स्थापना तथा निर्माण कार्यों की सतत मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए गए हैं। इससे कार्यों की गुणवत्ता और पारदर्शिता बनाए रखने में मदद मिल रही है। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत दुर्ग बजरंग कुमार दुबे ने बताया कि वर्ष 2026-27 में जिले में बड़े पैमाने पर श्रममूलक निर्माण कार्य स्वीकृत किए गए हैं। जनपद पंचायत दुर्ग में 183 निर्माण कार्यों के लिए 1480.18 लाख रुपये, जनपद पंचायत धमधा में 149 निर्माण कार्यों के लिए 1212.84 लाख रुपये तथा जनपद पंचायत पाटन में 249 निर्माण कार्यों के लिए 1984.63 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। इस प्रकार जिले में कुल 581 निर्माण कार्यों के लिए 4677.65 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। जिले में संचालित निर्माण कार्यों से आने वाले वर्षों में किसानों, श्रमिकों और ग्रामीण समुदायों को दीर्घकालिक लाभ प्राप्त होगा तथा आत्मनिर्भर ग्रामीण विकास को नई मजबूती मिलेगी।
