दुर्ग/अय्यूब खान सचिव प्रदेश कांग्रेस ने बताया कि वे आज 9/6/2026 को नया रायपुर में स्वास्थ विभाग के सचिव अमित कटारिया से मिलकर ज्ञापन सौंपा जानकारी दिया औरसाथ मांग किया
जिला अस्पताल दुर्ग में व्याप्त गंभीर अनियमितताओं एवं मरीजों को हो रही असुविधाओं के संबंध में जांच एवं त्वरित कार्यवाही हो साथ ही जिला अस्पताल के विषय के समस्याओं के विषय में विस्तार पूर्वक स्वास्थ सचिव अमित कटारिया से चर्चा किया गया एवं निम्नलिखित बिन्दू पर कार्यवाही करने के मांग किया गया””ब्लड उपलब्ध होने के बाद भी मरीज की मृत्यु””-इसके बावजूद 01/06/2026 को जिला अस्पताल दुर्ग में ब्लड उपलब्ध न होने के कारण युवती दीपिका यादव की मृत्यु हो गई। रक्त उपलब्ध होते हुए भी मरीज को रक्त न देना अस्पताल प्रशासन की घोर लापरवाही एवं रक्त की कालाबाजारी की ओर इशारा करता है। इसकी उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्यवाही की जाए।””मर्चुरी का फ्रिज बंद होना””- जिला अस्पताल दुर्ग का मर्चुरी फ्रिज कई दिनों से बंद पड़ा है। इससे मृतकों के परिजनों को शव रखने में अत्यंत कठिनाई हो रही है। फ्रिज को तत्काल सुधरवाकर चालू किया जाए।””नसबंदी ऑपरेशन के दौरान 2 महिलाओं की मृत्यु””- कुछ दिन पूर्व नसबंदी शिविर में लापरवाही के कारण 2 महिलाओं की मृत्यु हो गई थी। इस मामले में दोषी डॉक्टरों/कर्मचारियों पर कठोर दंडात्मक कार्यवाही कर भविष्य में ऐसी घटना न हो, यह सुनिश्चित किया जाए।””न्यूरोसर्जन का अभाव””- जिला अस्पताल दुर्ग में न्यूरोसर्जन की कोई पदस्थापना नहीं है। सड़क दुर्घटना व गंभीर सिर की चोट वाले मरीजों को तुरंत रायपुर रेफर किया जाता है, जिससे कई मरीज रास्ते में ही दम तोड़ देते हैं। न्यूरोसर्जन की तत्काल पदस्थापना की जाए।””ट्रामा सेंटर में डॉक्टरों की अनुपस्थिति””- ट्रामा सेंटर में 24×7 डॉक्टर उपलब्ध नहीं रहते। आपातकालीन स्थिति में मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल पाता। ट्रामा सेंटर में शिफ्टवार विशेषज्ञ डॉक्टरों की ड्यूटी सुनिश्चित की जाए।””बिना जांचे मरीजों को रेफर करना””-
मरीजों को बिना प्राथमिक जांच/उपचार किए तुरंत अन्य अस्पताल रेफर कर दिया जाता है। यह मरीजों और परिजनों के लिए मानसिक-आर्थिक दोनों रूप से कष्टदायक है। रेफर करने से पूर्व अनिवार्य प्राथमिक उपचार/जांच का प्रावधान किया जाए।””सीटी स्कैन मशीन बंद/अनुपलब्ध होना””- अस्पताल में सीटी स्कैन की सुविधा उपलब्ध न होने से सिर, पेट व अन्य गंभीर चोट वाले मरीजों को निजी सेंटर में महंगे दाम पर जांच करानी पड़ती है। सीटी स्कैन मशीन को चालू कर 24×7 सेवा प्रारंभ की जाए।
