भिलाई/छत्तीसगढ़ के पूर्व राज्य मंत्री बदरुद्दीन कुरैशी ने कहा कि, 6 मई को स्वतंत्रता संग्राम के महान सेनानी भुला भाई देसाई की पुण्यतिथि पर उल्लेखनीय है कि, वर्ष 1930 के दौर में भी वे कांग्रेस की सकरी कार्यकर्ता के रूप में स्वतंत्रता संग्राम के आंदोलन में अग्रणी भूमिका निभा रहे थे और ब्रिटिश शासन के खिलाफ जन जागरण कर रहे थे । महात्मा गांधी के अत्यंत गरीबी सहयोगी थे और कांग्रेस दल के प्रमुख नेता तथा सचेतक के रूप में संगठन को मजबूत दिशा दी ।
आगे चलकर 1945-46 में आजाद हिंद फौज के सैनिकों के पक्ष में उनके ऐतिहासिक पैरवी ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर विशेष पहचान दिलाई साथ ही उन्होंने लिकायत अली खान के साथ प्रसिद्ध देसाई लियाकत समझौते कर उस दौर में सांप्रदायिक सहस्त्र और राजनीतिक समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास किया ।
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि भुला भाई देसाई का जीवन संघर्ष त्याग और राष्ट्र सेवा की अदिति मिसाल है । कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनके आदर्शों को स्मरण करते हैं । देश की एकता, लोकतंत्र और सामाजिक न्याय के मूल्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प लेते हैं।
