दुर्ग/मिशन क्लीन सिटी के तहत सभी एसएलआरएम सेंटर क्रियाशील,दुर्ग नगर निगम ने ₹44 करोड़ के बजट और कचरा निपटान व्यवस्था का दिया विवरण

दुर्ग/नगर पालिक निगम, दुर्ग द्वारा ’मिशन क्लीन सिटी’ योजना के अंतर्गत शहर की स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। हाल ही में प्रकाशित एक समाचार के स्पष्टीकरण में निगम प्रशासन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार वर्तमान में सभी एसएलआरएम सेंटर क्रियाशील हैं। इन केंद्रों की कार्यप्रणाली मुख्य रूप से मानवीकृत है, जहाँ स्वच्छता दीदियों द्वारा वार्डों से प्राप्त कचरे का निपटान हाथ से किया जाता है। व्यवस्था को और अधिक आधुनिक बनाने के उद्देश्य से समस्त सेंटरों में बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने और मशीनीकरण (तकनीकी उन्नयन) का कार्य तेजी से संचालित किया जा रहा है। शहर की बढ़ती आवश्यकताओं को देखते हुए बुनियादी ढांचे में विस्तार किया जा रहा है, जिसके तहत शासन से 08 नवीन एसएलआरएम सेंटरों के निर्माण की स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है। इनमें से 03 केंद्रों का निर्माण कार्य वर्तमान में प्रगति पर है और शेष 05 केंद्रों के लिए भूमि चिन्हांकन की प्रक्रिया जारी है। साथ ही, एक नए प्रोसेसिंग प्लांट की निविदा प्रक्रिया भी अपने अंतिम चरण में है। निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि डंपिंग यार्ड में आग लगने जैसी घटनाएं अक्सर कचरे में मौजूद ज्वलनशील पदार्थों या बाहरी तत्वों की शरारत के कारण होती हैं, जिसे निगम की लापरवाही मानना उचित नहीं है, क्योंकि निगम पूर्णतः ’जीरो वेस्ट’ की नीति पर कार्य कर रहा है। इसके अलावा सफाई व्यवस्था हेतु आवंटित ₹44 करोड़ के बजट के संबंध में स्पष्ट किया गया है कि यह राशि केवल कचरा फेंकने के लिए नहीं है। इस बजट का उपयोग पूरे शहर की व्यापक सफाई, हजारों सफाई कर्मियों के वेतन भुगतान, डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन, मशीनों के रख-रखाव और भविष्य के लिए प्रस्तावित वेस्ट-टू-कम्पोस्ट प्लांट जैसे महत्वपूर्ण कार्यों के लिए किया जा रहा है। नगर पालिक निगम दुर्ग शहर की स्वच्छता और नागरिकों की सुविधाओं के प्रति प्रतिबद्ध है।

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