दुर्ग/कलेक्टर अभिजीत सिंग के निर्देशानुसार व मार्गदर्शन में आज जनपद पंचायत के सभागार में ग्राम पंचायत सचिवों की बैठक आयोजित की गई। जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग से प्राप्त जानकारी अनुसार बैठक में बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के तहत बाल विवाह रोकथाम के लिए आवश्यक जानकारी एवं दिशा-निर्देश प्रदान किए गए। जिला कार्यक्रम अधिकारी राजकुमार जाम्बुलकर और परियोजना समन्वयक चन्द्रप्रकाश पटेल ने सचिवों को बताया कि शासन के निर्देशानुसार प्रत्येक ग्राम पंचायत के सचिव को बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी घोषित किया गया है। सचिवों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया कि कहीं भी बाल विवाह न हो और यदि किसी सूचना के माध्यम से बाल विवाह की जानकारी प्राप्त होती है तो उसे तत्काल रोका जाए एवं विधिवत कार्यवाही की जाए। प्रत्येक ग्राम पंचायत में विवाह पंजी का संधारण अनिवार्य है। सचिवों को प्रमाण पत्र प्रदान करने के लिए कहा गया कि उनके ग्राम पंचायत में विगत 2 वर्षों (2023-24 एवं 2024-25) में कोई बाल विवाह नहीं हुआ है। यह प्रमाण पत्र जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करना होगा ताकि जिले को बाल विवाह मुक्त घोषित किया जा सके। साथ ही सचिवों को निर्देश दिया गया कि ग्राम पंचायत,ग्राम सभा से अनुमोदित प्रस्ताव बाल विवाह न होने संबंधी तत्काल भेजे जाएं, और उपरोक्त कार्यवाही की जानकारी महिला एवं बाल विकास विभाग को भी उपलब्ध कराई जाए। बैठक में यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया कि जनपद पंचायत पाटन, जनपद पंचायत धमधा और नगरीय निकायों में भी विवाह पंजी का संधारण अनिवार्य रूप से किया जाए और प्रमाण पत्र शीघ्र प्रदान किया जाए।