दुर्ग/सफलता की कहानी,दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर योजना से बच्चों की शिक्षा को मिला सहारा

दुर्ग/चिखली गांव की निवासी श्रीमती वंदना वर्मा के परिवार को दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर योजना की राशि से संबल मिला। श्रीमती वर्मा के लिए बच्चों की पढ़ाई-लिखाई और घर के खर्चे वहन कर पाना बहुत मुश्किल हो रहा था। पति अजय वर्मा एक छोटा व्यवसाय करते है, लेकिन आमदानी इतनी नहीं हो पाती है कि वह परिवार की जरूरते पूरी कर सके। उन्होंने मनरेगा में काम करना शुरू किया, ताकि बच्चों का भविष्य संवार सके। कई बार हालात इतने कठिन हो जाते थे कि घर चलाना मुश्किल लगने लगता था, तभी दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर योजना के तहत उनके खाते में 10 हजार रूपए राशि जमा हुई तो उन्हें एक उम्मीद की किरण दिखाई दी। उनकी खुशी का ठिकाना नही रहा। यह पैसा उनके लिए एक सहारा ही नही बल्कि उनके दो बच्चों का भविष्य भी है। अब वंदना इस राशि का उपयोग बच्चों की शिक्षा के लिए करेगी। उनकी किताबे, फीस और जरूरी सामान अब आसानी से जुटा पाएंगी। मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हुए श्रीमती वंदना कहती है कि यह योजना कई परिवारों के लिए एक मजबूत सहारा बन रही है, जो उन्हें बेहतर भविष्य की ओर ले जा रही है।

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