महासमुंद/भले मेरे हाथ की हड्डी टूटी है, लेकिन मेरे होसले कभी नहीं टूट सकते:अशवंत तुषार साहू

महासमुंद/प्रदेश स्तरीय तेली,साहू, राठौर,चिंतन बैठक मध्यप्रदेश दतिया में संपन्न हुआ। जिसमें शामिल होने छत्तीसगढ़ महासमुंद से राष्ट्रीय तेली कर्मा सेना के संस्थापक अशवंत तुषार साहू पहुंचे। तय कार्यक्रम के अनुसार 29 तारीख को रायपुर रेलवे स्टेशन जानते समय एक्सीडेंट होने से हाथ हड्डी टूट जाने के कारण बहुत असहनीय दर्द के साथ सफर करते हुए, मध्य प्रदेश दतिया पहुंचा, तुषार साहू ने अपने उद्बोधन में शुरुआत मे कहा भले मेरे हाथ की हड्डी टूटे है, लेकिन मेरे होसले कभी नहीं टूट सकता। “मन समर्पित, तन समर्पित, और यह जीवन समर्पित, चाहता हूँ देश की धरती, तुझे कुछ और भी दूँ”।
और आगे कहा कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज को संगठित करना, आपसी सहयोग को बढ़ावा देना और समाज के समग्र विकास के लिए ठोस पहल करना, साहू समाज की असली ताकत उसकी एकजुटता में है। ऐसी बैठकों से समाज में जागरूकता आती है और संगठन मजबूत होता है। उन्होंने गांव- गांव तक समाज को जोड़ने की दिशा में प्रयास तेज करने पर जोर दिया। आज समाज को सबसे अधिक आवश्यकता एकता की है। जब समाज के सभी लोग एक मंच पर जुड़ेंगे तभी शिक्षा, रोजगार और सम्मान के नए अवसर सृजित होंगे। उन्होंने प्रत्येक व्यक्ति से समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने की अपील की। आपसी प्रेम, सौहार्द और भाईचारे को और अधिक मजबूत बनना है। कार्यक्रम का समापन सकारात्मक संदेश और सामाजिक एकता के संकल्प के साथ हुआ।

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