भिलाई/छत्तीसगढ़ शासन के पूर्व राज्यमंत्री बदरुद्दीन कुरैशी ने, विजयादशमी भारतीय संस्कृति, आस्था और नैतिक मूल्यों का प्रतीक पर्व है। रामायण के अनुसार, भगवान श्रीराम ने रावण का वध कर अधर्म पर धर्म तथा असत्य पर सत्य की विजय का संदेश दिया। यह पर्व हमें स्मरण कराता है कि चाहे परिस्थितियां कितनी भी कठिन क्यों न हों, सत्य, धर्म और न्याय के मार्ग पर चलने वालों की विजय अवश्य होती है। भगवान श्रीराम का जीवन त्याग, मर्यादा, कर्तव्यनिष्ठा और आदर्श आचरण की प्रेरणा देता है, जो आज भी हमारे समाज के लिए उतना ही प्रासंगिक है। शुभकामना संदेश में कहा कि दशहरा केवल रावण दहन का पर्व नहीं, बल्कि अपने भीतर व्याप्त अहंकार, अन्याय, द्वेष और नकारात्मकता का त्याग कर सद्भाव, प्रेम एवं मानवता को अपनाने का संकल्प लेने का अवसर भी है। उन्होंने कहा कि इस पावन पर्व की सार्थकता तभी है, जब हम भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करें तथा समाज में आपसी भाईचारे, सामाजिक समरसता और एकता को मजबूत बनाने में अपना योगदान दें। उन्होंने कामना की कि विजयादशमी एवं दशहरा का यह पावन पर्व सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली लेकर आए तथा हमारा देश प्रगति, सद्भाव और एकता के पथ पर निरंतर आगे बढ़े। अंत में उन्होंने पुनः समस्त देशवासियों को विजयादशमी एवं दशहरा पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।
