भिलाई/छत्तीसगढ़ के पूर्व राज्यमंत्री बदरूद्दीन कुरैशी ने, स्वतंत्रता सेनानी, वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं पूर्व राज्यपाल केएम. चांडी की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन l श्री चांडी का जीवन संघर्ष, लोकतांत्रिक मूल्यों और जनसेवा के प्रति समर्पण की प्रेरणादायी मिसाल है। के. एम. चांडी का जन्म 6 अगस्त 1921 को केरल में हुआ था। मात्र 17 वर्ष की आयु में उन्होंने सार्वजनिक जीवन और राजनीति में कदम रखा। स्वतंत्रता आंदोलन के दौर में वे सक्रिय रूप से जुड़े रहे और 1946 में मीनाचिल तालुक कांग्रेस कमेटी के सचिव रहते हुए उन्हें राजनीतिक गतिविधियों में भाग लेने से प्रतिबंधित किया गया, लेकिन उन्होंने अपने संघर्ष और राष्ट्रसेवा का रास्ता नहीं छोड़ा। स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान उन्हें जेल भी जाना पड़ा। आगे चलकर उन्होंने कांग्रेस संगठन में अनेक महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं और केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सहित विभिन्न पदों पर रहकर संगठन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
। केएम.चांडी का राजनीतिक जीवन केवल पदों तक सीमित नहीं था, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों और समाज के प्रति उनकी प्रतिबद्धता उनकी सबसे बड़ी पहचान थी। उन्होंने केरल की राजनीति में लंबे समय तक सक्रिय भूमिका निभाने के बाद 1982 में पुडुचेरी के उपराज्यपाल तथा बाद में गुजरात और मध्य प्रदेश के राज्यपाल के रूप में भी अपनी सेवाएं दीं। 7 सितंबर 1998 को उनका निधन हुआ। उनके संघर्षपूर्ण जीवन, स्वतंत्रता आंदोलन में योगदान और सार्वजनिक जीवन में उनकी निष्ठा को सदैव याद किया जाएगा। उनकी पुण्यतिथि पर हम उनके विचारों और जनसेवा की भावना को आत्मसात करने का संकल्प ले,यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
