भिलाई/छत्तीसगढ़ के पूर्व राज्य मंत्री बदरुद्दीन कुरैशी ने कहा कि, 11 अप्रैल को ज्योतिबा फुले की जयंती पूरे देश में सामाजिक न्याय समानता और शिक्षा के प्रति जागरूकता और सामाजिक कुरीतियों, जातिगत भेदभाव और अशिक्षा के रूप में मनाई जाती है। ज्योतिबा फुले का जन्म 11 अप्रैल 1827 को महाराष्ट्र में हुआ था । उन्होंने भारतीय समाज में व्याप्त जाति भेद छुआछूत और महिलाओं की शिक्षा के खिलाफ संघर्ष किया। फुले ने अपनी पत्नी सावित्रीबाई फुले के साथ मिलकर देश का पहला बालिका विद्यालय खोला और समाज के वंचित वर्गों को शिक्षा से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य किया । उनकी सोच समानता, भाईचारे और मानव अधिकारों पर आधारित थी, जो आज भी प्रासंगिक है । इस अवसर पर कांग्रेस पार्टी भी उनके विचारों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध रहती है । कांग्रेस ने हमेशा सामाजिक न्याय, शिक्षा के अधिकार और कमजोर वर्गों के उत्थान को अपनी नीतियों में प्राथमिकता दी है । ज्योतिबा फुले के आदर्शों को समाज में लागू किया जाएगा और हर वर्ग को समान अवसर प्रदान करने की दिशा में निरंतर कार्य किया जाएगा।
