दुर्ग/जिला न्यायालय परिसर एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कार्यालय में गरिमामय वातावरण में ध्वजारोहण कार्यक्रम संपन्न

दुर्ग/भारत के 77वें गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर 26 जनवरी के दिन जिला न्यायालय परिसर एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कार्यालय में गरिमामय वातावरण में ध्वजारोहण कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, दुर्ग द्वारा राष्ट्रीय ध्वज फहराकर किया गया।ध्वजारोहण के पश्चात राष्ट्रगान “जन -गण- मन” एवं उसके पश्चात “वंदे मातरम्” का सामूहिक गायन किया गया, जिससे संपूर्ण परिसर देशभक्ति की भावना से ओत-प्रोत हो गया। इस अवसर पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वारा अपने उद्बोधन में भारतीय संविधान के मूल्यों, न्याय, स्वतंत्रता, समानता, राष्ट्रप्रेम, विरासत, सद्भाव, संस्कृति एवं बंधुत्व पर प्रकाश डालते हुए न्यायिक व्यवस्था की भूमिका एवं नागरिकों के प्रति न्यायपालिका के दायित्वों का उल्लेख किया गया। उन्होंने संविधान निर्माताओं के प्रति श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए सभी को संविधान की मर्यादा एवं कानून के शासन को सुदृढ़ बनाए रखने हेतु प्रेरित किया। कार्यक्रम के दौरान प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश दुर्ग द्वारा स्पोर्ट्स मीट में विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले न्यायिक अधिकारियों एवं न्यायालयीन कर्मचारियों को ट्रॉफी, मेडल एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने अपने संबोधन में कहा कि खेलकूद गतिविधियाँ न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाती हैं, बल्कि मानसिक संतुलन, टीम-स्पिरिट एवं अनुशासन को भी बढ़ावा देती हैं, जो न्यायिक कार्य के सुचारु संचालन हेतु अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने सभी प्रतिभागियों की सराहना करते हुए भविष्य में भी ऐसे आयोजनों को निरंतर आयोजित किए जाने पर बल दिया। उल्लेखनीय है कि उक्त स्पोर्ट्स मीट का आयोजन न्यायिक अधिकारियों एवं कर्मचारियों में स्वस्थ जीवनशैली, आपसी सौहार्द एवं कार्यक्षमता में वृद्धि के उद्देश्य से किया गया था, जिसमें विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया तथा प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। समारोह का समापन राष्ट्र के प्रति समर्पण, खेल भावना एवं स्वस्थ न्यायिक वातावरण के संकल्प के साथ किया गया। कार्यक्रम में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीशगण, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव, समस्त न्यायिक मजिस्ट्रेटगण, अधिवक्ता संघ के पदाधिकारीगण, न्यायालयीन कर्मचारीगण, पैरा लीगल वॉलंटियर्स तथा बड़ी संख्या में अधिकारीगण एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दुर्ग द्वारा इस अवसर पर निःशुल्क विधिक सहायता, लोक अदालत, मध्यस्थता एवं विधिक जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय पहुँचाने के संकल्प को दोहराया गया। कार्यक्रम का समापन संविधान के प्रति निष्ठा एवं देश की एकता-अखंडता बनाए रखने के संकल्प के साथ किया गया। इसके पश्चात न्यायाधीशगण एवं अधिवक्ताओं के मध्य क्रिकेट सद्भावना मैच का आयोजन किया गया। इस मैच का उद्देश्य न्यायपालिका एवं अधिवक्ता समुदाय के मध्य आपसी सौहार्द, सहयोग एवं स्वस्थ कार्य वातावरण को प्रोत्साहित करना था। दोनों टीमों ने उत्साह, अनुशासन एवं खेल भावना का उत्कृष्ट परिचय दिया। मैच के दौरान खिलाड़ियों द्वारा प्रदर्शित कौशल एवं टीम वर्क ने उपस्थित दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। अत्यंत रोमांचक मुकाबले के पश्चात न्यायाधीशगण की टीम ने विजय प्राप्त की, जिस पर उपस्थित सभी अधिकारियों एवं अधिवक्ताओं द्वारा खेल भावना के साथ तालियों के माध्यम से बधाई दी गई। मैच के परिणाम के साथ-साथ आयोजन का मुख्य आकर्षण दोनों पक्षों के मध्य सौहार्दपूर्ण वातावरण एवं पारस्परिक सम्मान रहा।

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